Delhi Traffic Advisory: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर में आज स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के विरोध में कार्यकर्ताओं और राजनेताओं ने प्रदर्शन का आह्वान किया है, जिसके चलते दिल्ली की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. इसके साथ ही भारी ट्रैफिक जाम को मद्देनजर रखते हुए दिल्ली के 11 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट बंद रहेगी.
दिल्ली में भारी जाम की स्थिति को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी भी जारी की है. जिसके अनुसार, जनपथ, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, INA, चावड़ी बाज़ार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर अगले आदेश तक एंट्री और एग्जिट बंद रहेगी. इसके अलावा राजीव चौक, मंडी हाउस, नई दिल्ली और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी.
Service Update
— Delhi Metro Rail Corporation (@OfficialDMRC) October 2, 2026
The entry and exit at the following metro stations will remain closed till further notice. However, interchange facility will remain available at Rajiv Chowk, Mandi House, INA, New Delhi and Central Secretariat stations:
1. Janpath
2. Patel Chowk
3. Central…
सुरक्षा के मद्देनजर की गई बैरिकेडिंग
दिल्ली में आज सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए इलेक्शन कमीशन के बाहर भारी बैरिकेडिंग की गई है. ताकि प्रदर्शनकारी अंदर तक नहीं पहुंच सकें. इसके साथ ही BNSS की धारा 163 के तहत रोक लगाई गई है. सेंट्रल दिल्ली के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके.
दिल्ली पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा, जंतर-मंतर और उसके आस-पास के इलाकों में ट्रैफिक को लेकर पाबंदियां लगाई गई हैं. यात्री प्रभावित रास्तों पर जाने से बचें और अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें. ऐसे इलाके जहां पहले से ही भारी भीड़ होती है. उनमें से कनॉट प्लेस, पटेल चौक, जीपीओ, टॉल्स्टॉय मार्ग, जंतर-मंतर रोड, पार्लियामेंट स्ट्रीट के आस-पास ट्रैफिक डायवर्जन नियम लागू रहेंगे.
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क्यों हो रहा प्रदर्शन?
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है, जिसका असर आम चुनाव पर भी पड़ा है. इतना ही नहीं, चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के प्रबंधन और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं.
