Sonam wangchuk Hunger Strike: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर के मैदान पर सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुए है. लगातार कई दिनों से खाना छोड़े बांगचुक ने कहा कि अभी उनके इरादे कमजोर नहीं हुए हैं. इसी दौरान उन्होंने एक ऐसा बयान दिया जिसको लेकर हर कोई हैरान है.
संसद मार्च से पहले वांगचुक ने कहा कि वह किसी भी हालत में 20 जुलाई तक अपने आंदोलन को जारी रखेंगे. उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि अगर उनका मिशन पूरा नहीं हुआ और वह वापस नहीं लौट पाए, तो भूत बनकर लौटेंगे. उनका यह बयान अब ख्चर्चा का विषय बन गया है.
कई राजनीतिक दलों ने दिया सोनम को समर्थन
वांगचुक का कहना है कि उनका संघर्ष किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं, बल्कि आने वाले भविष्य के लिए है. पिछले दो दिनों में कई राजनीतिक दलों के नेता सोनम का समर्थन करने पहुंचे हैं. इनके सपा, आजाद समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी के साथ-साथ कांग्रेस ने भी सोनम वांगचुक को अपना समर्थन दिया है.
सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी के लोग पिछले कई दिनों से पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. उनकी मांग है कि पूरे मामले में सबसे पहले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देना चाहिए.
कांग्रेस भी पहुंची जंतर-मंतर
कांग्रेस ने भी जंतर मंतर पहुंचकर सोनम के अनशन का समर्थन किया है. कांग्रेस की तरफ से पवन खेड़ा और उनके साथ कई और नेता पहुंचे थे. पवन खेड़ा ने कहा कि सोनम वांगचुक जी के स्वास्थ्य को लेकर हम सभी को चिंता है. एक बहुत ही संवेदहीन सरकार ऊपर बैठी है. जो लोकतांत्रिक विरोध की भाषा को नहीं समझती है.
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि उनका उपवास अब गंभीर दौर में पहुंच चुका है. साफ तौर पर कहा गया कि स्थिति बिगड़ने पर उनके शरीर के अंगों को नुकसान पहुंच सकता है. दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रशासन को उनके स्वास्थ्य की रोजाना निगरानी करने के सख्त निर्देश दिए हैं.
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