India EU FTA: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार टैरिफ का डर दिखाकर हर देश पर दवाब बढ़ाना चाहते हैं. भारत पर 25 प्रतिशत का टैरिफ लगाया है. लेकिन इसके बावजूद भी भारतीय अर्थव्यवस्था का दमखम दिख रहा है. आईएमएफ से लेकर वर्ल्ड बैंक तक ने भारत का लोहा माना है. एक ओर जहां डोनाल्ड ट्रंप लगातार टैरिफ की धमकियां दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भारत लगातार नए खेल खेलता जा रहा है और इकोनॉमी में आगे बना हुआ है. कुछ दिनों के अंदर ही कई देश जिसमें ओमान से लेकर न्यूजीलैंड तक शामिल है. ये सभी ट्रेड डील करने वाले हैं. ट्रेड डील जब पूरी हो जाएगी तो भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच एफटीए होगा. इसकी जानकारी खुद EU चेयरमैन उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने दिए हैं.
EU चेयरमैन उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने बताया कि एफटीए के दौरान बड़ी डील करार होने की संभावना है. उन्होंने यह भी कहा कि दावोस दौरे के बाद वो भारत का भी दौरा कर सकती हैं. यह बात उन्होंने दावोस में अपने संबोधन के दौरान कही है. उन्होंने कहा कि हम एफटीए को अंतिम रूप देने के करीब पहुंच रहे हैं. यह डील दुनिया के दो बड़े बाजारों के बीच आर्थिक संबंधों को नया आकार दे सकती है. अगर ऐसा हुआ तो यह भारत के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि होगी.
क्या बोलीं वॉन डेर लेयेन?
- यूरोपियन यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि अभी बहुत काम करना बाकी है. लेकिन हम फिलहाल व्यापार समझौते के अंतिम कगार पर हैं. यह समझौता 2 अरब लोगों के लिए बाजार बनाएगा. जिसे लोग अब तक की सबसे बड़ी ट्रेड डील कहते हैं. यह वैश्विक जीडीपी का लगभग एक चौथाई हिस्सा होगा.
- इस डील के माध्यम से भारत यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों वाले बाजार तक पहुंच बना सकेगा और निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा. हालांकि भारत-यूरोपीय संघ की व्यापार समझौते पर बातचीत करीब 15 सालों से चल रही है. लेकिन कोई निर्णय नहीं लिया गया. 2022 से फिर इसे सक्रिय रूप दिया गया है, जिसमें भारत-EU ट्रेड डील को लेकर बात चीत आगे बढ़ रही है.
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दुनियाभर के देशों को ट्रंप ने दी धमकी
बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पिछले करीब 1 साल से टैरिफ को लेकर दुनिया को डराने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कई देशों पर बहानेबाजी करते हुए मनमौजी टैरिफ लगाई है. भारत पर जो टैरिफ लगाई, उसको लेकर कहा कि रूसी तेल खरीदने पर ऐसा किया गया. हाल ही में ग्रीनलैंड पर भी कब्जा करने वाले 8 यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत की टैरिफ लगाई है. पिछले सप्ताह ही फ्रांस की वाइन और शैम्पेन पर भी 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी है. जिसका असर दुनिया भर के शेयर बाजार में देखने को मिला है. फिलहाल, अब देखना यह होगा कि भारत की चाल से डोनाल्ड ट्रंप अपनी टैरिफ को कम करेंगे या यथावत रखेंगे.
