Economy Survey 2025-26: आज गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को संसद में 2025-26 बजट से पहले इकोनॉमिक सर्वे पेश किया गया है. इस सर्वे में महंगाई, जीडीपी से लेकर सभी चीजों पर 1 साल के दौरान किए गए कार्यों का आर्थिक लेखा-जोखा पेश किया गया है. सोना-चांदी की बढ़ती कीमतों को लेकर भी सरकार ने चिंता जताई है और इससे वैश्विक वित्तीय और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता बढ़ने के संकेत दिए हैं. इसके साथ ही आने वाले वित्तीय वर्ष 2027 की जीडीपी को लेकर भी अनुमान लगाया है. यहां जानें इकोनॉमिक सर्वे में क्या है खास?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया है. जिसमें पहली बार अपने आर्थिक सर्वे में AI (आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस) को भी जोड़ा गया है. यानी सरकार का अगला मुख्य फोकस एआई पर ही रहेगा. इन दिनों सोना-चांदी की कीमत आसमान छू रही है. सोना-चांदी की बढ़ती कीमत वैश्विक अनिश्चितता को दर्शाता है. इसलिए सरकार ने वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए बड़े पैमाने पर आर्थिक सर्वेक्षण में जिक्र किया है. ताकि ग्लोबल प्रभावों पर नियंत्रण किया जा सके.
सोने-चांदी की बढ़ती कीमत पर चिंता जताई
- संसद में पेश किए गए इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार, भू-अस्थिरता, बढ़ती जियोपॉलिटिकल और वित्तीय जोखिम की वजह से सोना-चांदी और मेटल्स की कीमतों में जबरदस्त तेजी बनी हुई है. सोना-चांदी की बढ़ती कीमतें वैश्विक जोखिम का संकेत है.
- जब निवेशक ऐसी स्थिति को देखता है तो सुरक्षित निवेश का विकल्प ढूंढ़ने लगता है. निवेशक जब अपना ज्यादा ही झुकाव सोना-चांदी पर करते हैं, तो कीमतों में लगातार बढ़ोत्तरी होती जाती है.
सोना-चांदी महंगाई के आंकड़ों में शामिल नहीं
हालांकि सर्वे में ये भी कहा गया है कि सोना-चांदी को महंगाई के आंकड़ों में शामिल नहीं किया जाता. क्योंकि इसका रेट घरेलू मांग और सप्लाई की जगह वैश्विक परिस्थितियों से ज्यादा प्रभावित होता है. इस दौरान कहा गया कि सरकार जियोपॉलिटिकल प्रतिस्पर्धा बढ़ने, टेक्नालॉजी, ट्रेड विवाद और एआई से जुड़ी चीजों पर निवेश करने पर विचार कर रही है.
ये भी पढ़ेंः Silver Rate Today: चांदी की ‘आंधी’, 4 लाख रुपए पार पहुंची कीमत, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट
एआई के लिए अलग से बनाया चैप्टर
इसके अलावा इकोनॉमिक सर्वे में बहुत कुछ शामिल किया गया है. इसमें कुल 16 चैप्टर हैं और एआई के लिए एक चैप्टर अलग से रखा गया है. मुख्य फोकस सोना-चांदी पर ही रखा गया है. साथ ही अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता पूरी होने की उम्मीद है. इकोनॉमिक सर्वे हर साल बजट से पहले पेश किया जाता है. जिसमें आर्थिक स्थिति और चुनौतियों के बारे में मूल्यांकन कर रिपोर्ट सौंपी जाती है.
