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अडानी के खिलाफ अमेरिकी केस पर लगा ब्रेक, रिश्वतखोरी के आरोपों से मिली कानूनी राहत

Adani On Hindenburg Report

गौतम अडानी

Gautam Adani News: ब‍िजनेसमैन गौतम अडानी को अमेरिका में चल रहे एक केस में बड़ी राहत मिली है. अमेरिकी कोर्ट ने अडानी मामले से जुड़े अन्य आरोपियों के खिलाफ रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आपराधिक आरोपों को खारिज कर दिया है. यह फैसला अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से केस आगे नहीं बढ़ाने के निर्णय के बाद आया है. अडानी और अडानी ग्रुप ने शुरुआत से ही इन आरोपों को खारिज किया था.

पूरा मामला साल 2024 का है. आरोप था कि भारत में सोलर पावर से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को कथित तौर पर बड़ी रकम की रिश्वत देने की योजना बनाई गई थी. अमेरिकी अभियोजकों ने यह भी आरोप लगाया था कि इस योजना से जुड़ी जानकारी निवेशकों से छिपाई गई.

अमेरिकी न्याय विभाग ने क्यों छोड़ा केस?

अमेरिकी न्याय विभाग ने मामले को आगे न बढ़ाने के पीछे कई वजहें बताईं. इनमें केस का भारत से जुड़ा होना, आरोपों को अमेरिकी अदालत में साबित करने की कठिनाई और अलग-अलग सरकारी एजेंसियों की प्राथमिकताओं में बदलाव शामिल थे.

हालांकि, मामले की सुनवाई कर रहे जज निकोलस गारॉफिस ने अभियोजन पक्ष के इस फैसले पर सवाल भी उठाए थे. उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि जांच और अभियोजन से जुड़े अधिकारियों की राय को पूरी तरह शामिल किए बिना केस खत्म करने का फैसला कैसे लिया गया.

अडानी ग्रुप के लिए क्यों अहम है फैसला?

अमेरिका में आपराधिक मामला खत्म होना अडानी ग्रुप के लिए महत्वपूर्ण कानूनी राहत माना जा रहा है. इस मामले का असर ग्रुप की अंतरराष्ट्रीय छवि और निवेशकों के भरोसे पर भी पड़ रहा था.

फैसले के बाद गौतम अडानी ने इसे राहत देने वाला कदम बताया और कहा कि उनका कानून के शासन पर विश्वास कायम रहा है. उन्होंने पूरे मामले के दौरान सत्य और निष्पक्षता में भरोसा बनाए रखने की बात कही है.

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