Gujarat Ambaji Temple viral Video: देशभर में इस समय चंदा चोरी का मामला चर्चा में है. अयोध्या से लेकर बद्रीनाथ हर जगह चोरी के आरोप लग रहे हैं. इन सब के बीच अब गुजरात के प्रसिद्ध अंबा जी मंदिर का एक वीडियो सामने आया है, जिसके बाद कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं. इस वायरल वीडियो में चंदे के पैसों की ही गिनती करने वाला युवक पैसे चुराते हुए नजर आ रहा है.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी नोटों का बंडल अपने पैरों के नीचे छिपाता हुआ दिख रहा है. ये वीडियो 15 अप्रैल का बताया जा रहा है. इसके बाद 5 मई को वही कर्मचारी नोटों का बंडल चुराते हुए पकड़ा गया था.
जिस दिन युवक को बंडल चोरी करते हुए पकड़ा गया. उस दिन मंदिर परिसर के सीसीटीवी कैमरे बंद थे. पूरे मामले को लेकर चढ़ावा चोरी में अंबाजी मंदिर प्रशासन ने कुल 3 आरोपी पर मुकदमा दर्ज कराया है. इसके साथ ही तत्काल एक्शन लेते हुए सभी को नौकरी से निकाल दिया गया.
गुजरात | बनासकांठा की प्रसिद्ध अंबाजी मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी का एक वीडियो सामने आया है. वायरल वीडियो में एक कर्मचारी नोटों के बंडल को अपने पैर के नीचे छिपाते हुए दिखाई दे रहा है. वीडियो सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज… pic.twitter.com/cUrcU3ivde
— Vistaar News (@VistaarNews) July 14, 2026
कलेक्टर ने जारी किया एसओपी
गुजरात के प्रसिद्ध अंबाजी मंदिर से लोगों की अटूट श्रद्धा जुड़ी हुई है. यही वजह है कि यहां लाखों की संख्या में भक्त दर्शन करने पहुंचते हैं. इसके साथ ही दिल खोलकर दान भी करते हैं. चोरी का मामला सामने आने के बाद ही बनासकांठा कलेक्टर ने सख्त एसओपी जारी किया है. इसके नए नोटिस के बाद अब दान पत्र का पैसा गिनने वाले कर्मचारियों की सख्ती होगी.
मतलब यह कि पहले बिना चेकिंग के वो कर्मचारी अपने घर चले जाते थे. लेकिन अब नए आदेश के बाद ऐसा नहीं होगा. इस नए सिस्टम के तहत अब दान गिनने वाले स्टाफ की सख्त पुलिस चेकिंग होगी और पूरा प्रोसेस सीसीटीवी की निगरानी में होगा.
अयोध्या राम मंदिर के बीच गरमाया मामला
अयोध्या दान मंदिर की चोरी का विवाद और विरोध जहां पूरे देश में चर्चा में है, वहीं अब अंबाजी मंदिर से दान की चोरी का मामला भी चर्चा में आ गया है. लोगों का गुस्सा साफ तौर पर देखने को मिल रहा है. यही वजह है कि लोगों का कहना है कि जब इस तरह की घटनाएं सामने आ ही रही थी तो पहले से ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए थे. अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में ये नियम दान की रकम की सुरक्षा और भक्तों की भावनाओं और आस्था को बनाए रखने में कितने सफल होते हैं.
