Petrol Reserve of India: दुनियाभर में पेट्रोल भंडार को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. भारत के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसी बीच राज्यसभा में बताया कि भारत के पास पेट्रोलियम भंडार 74 दिनों के लिए पर्याप्त है. हालांकि उन्होंने कहा कि आदर्श रूप से इसे 90 दिन का होना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने स्पष्ट किया है कि भारत वैश्विक उथल-पुथल की स्थिति में कमजोर हालत में नहीं है. भारत कच्चे तेल का सबसे बड़ा उपभोक्ता है.
राज्यसभा में क्या बोले पेट्रोलियम मंत्री?
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर दिया. जिसमें उन्होंने सोमवार को बताया कि वैश्विक उथल-पुथल की किसी स्थिति में मांग को पूरा करने के लिए भारत के पास 74 दिनों का पेट्रोलियम भंडार है, जिसमें हम और बढ़ाना चाहते हैं.
भारत के पास 74 दिनों के लिए पर्याप्त भंडारण
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा, वैश्विक उथल-पुथल के बीच किसी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार बनाया गया है, ताकि अपनी आवश्यक्ताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडारण किया जा सके. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुसार, रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार के तहत करीब 90 दिनों का भंडार होना चाहिए. भारत के पास वर्तमान में 74 दिनों के लिए पर्याप्त भंडार है. इसके बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है.
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दुनिया का पांचवा सबसे बड़ा निर्यातक है भारत
हरदीप सिंह पुरी ने बताया, कच्चे तेल की भारत के पास चौथी सबसे बड़ी शोधन क्षमता है. हमारे पास वर्तमान में लगभग 26 करोड़ मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है, जो बढ़कर 32 करोड़ मीट्रिक टन हो जाएगी. इसके साथ ही हम विश्व में पेट्रोलियम उत्पादों के पांचवे सबसे बड़े निर्यातक भी हैं. इसके अलावा उन्होंने लिखित में उत्तर देते हुए बताया, सरकार ने इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड के तहत आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के 3 स्थानों पर 53.3 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल की क्षमता वाली रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार सुविधाएं स्थापित की है.
