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बांग्लादेश से भारत में कैसे करते हैं घुसपैठ? जेल से छूटे 38 बांग्लादेशियों ने बताया, अब हुए डिपोर्ट

infiltration at india-bangladesh border

38 बांग्लादेशी जेल से रिहा

Bangladeshi Deported: उत्तर प्रदेश के आगरा जेल से शनिवार को 38 बांग्लादेशी घुसपैठिए रिहा हुए. इसके बाद उन्होंने बताया कि कैसे बांग्लादेश से भारत में प्रवेश करते हैं. कौन-कौन इसमें मदद करता है, कौन शरण देता है और कहां से फर्जी कागजात बनवाते हैं. अब पुलिस को घुसपैठियों के बाद उन दलालों की तलाश है, जो उनकी मदद करते हैं. फिलहाल, जेल में बंद 38 बांग्लादेशियों को जेल से रिहा कर दिया गया है, जो 13 जनवरी को बांग्लादेश में प्रवेश करेंगे.

पुलिस के अनुसार आवास विकास कॉलोनी से सभी 38 बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया था. इस बस्ती से पिछले 11 साल पहले भी भारी संख्या में घुसपैठी गिरफ्तार हुए थे. इसके अलावा यहां से बड़ी संख्या में धर्मांतरण के केस सामने आए थे, जिसके बाद से यह बस्ती काफी सुर्खियों पर रही. घुसपैठियों में 15 पुरुष, 12 महिलाएं और 11 बच्चे हैं. जेल से रिहा होने के बाद सभी को कड़ी सुरक्षा के बीच एक बस में बैठाकर पश्चिम बंगाल के लिए रवाना किया गया. वहां पर आईबी को सुपुर्द किया जाएगा. इसके बाद बीएसएफ की मदद से बांग्लादेश की सीमा पार कराया जाएगा.

बांग्लादेश से कैसे भारत में करते हैं घुसपैठ?

जेल से छूटे बांग्लादेशियों ने बताया कि फेनी नदी पार कर भारत आए थे. इसके बाद एजेंटों की मदद से पश्चिम बंगाल होते हुए अलग-अलग राज्यों में चले गए थे. उन्होंने बताया कि एजेंट फर्जी आधार कार्ड के साथ ही वोटर कार्ड और पैन कार्ड भी तैयार कर देते हैं. जिसकी मदद से आसानी से भारत के अंदर झोपड़ियां बनाकर रहने लगते हैं. यहां पर कूड़ा-कबाड़ा और बायोमेडिकल वेस्ट इकट्ठा करने का काम करते हैं. पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों को भी चेक किया तो पता चला कि हवाला से भी पैसे आते हैं.

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एजेंटों पर नकेल कसेगी पुलिस

अब पुलिस उन सभी सक्रिय एजेंटों पर नजर गड़ाए हुए है. जो बांग्लादेशियों को सीमा पार कराने में मदद करते हैं. क्योंकि कई बार बांग्लादेशी घुसपैठी पकड़े तो जाते हैं लेकिन उनकी मदद करने वाले एजेंट बच जाते हैं. लेकिन अब पुलिस कड़ाई के साथ जांच करने में जुट गई है. माना जा रहा है कि जल्द ही एजेंटों पर भी नकेल कसा जा सकेगा. जिसकी वजह से घुसपैठियों पर भी कमी आएगी.

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