INDIA गठबंधन की बैठक से पहले बढ़ी तकरार, कांग्रेस और CPI(M) आमने-सामने, राहुल-प्रियंका-खरगे से मांगा जवाब

INDIA Alliance:इंडिया गठबंधन की 8 जून को होने वाली बैठक आसान नहीं होने वाली है. ऐसा इसलिए क्योंकि कई राजनीतिक दलों ने कांग्रेस के खिलाफ खुलकर नाराजगी जाहिर की है. यही वजह है कि इस बैठक को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं.
इंड‍िया गठबंधन की बैठक से पहले बढ़ा मतभेद

इंड‍िया गठबंधन की बैठक से पहले बढ़ा मतभेद

INDIA Alliance: विपक्षी इंडिया गठबंधन एक बार फ‍िर एकजुट होने की कोशिश करता नजर आ रहा है. इसी को लेकर देश की राजधानी दिल्‍ली में तमाम विपक्षी दलों की बैठक 8 जून को बुलाई गई है. हालांकि‍ यह बैठक किसी भी हालात में आसान नहीं रहने वाली है, ऐसा इसलिए क्योंकि बैठक से पहले ही अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं.सबसे बड़ा विवाद कांग्रेस और CPI(M) के बीच छिड़ा है, जिसने गठबंधन की एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इससे पहले ही डीएमके ने साफ तौर पर बैठक में शामिल होने से इनकार कर द‍िया है.

दरअसल, CPI(M) महासचिव एम. ए. बेबी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर जवाब मांगा है. वाम दल का आरोप है कि केरल विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेताओं, खासकर राहुल गांधी ने CPI(M) पर भाजपा से गुप्त समझौता करने के आरोप लगाए थे.  CPI(M) का कहना है कि ऐसे बयान विपक्षी एकता को कमजोर करते हैं और कांग्रेस को इस पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए.  

पहले भी उठ हो चुके कई तरह के सवाल

यह विवाद नया नहीं है या पहली बार इस तरह की बात सामने आई है. इससे पहले भी इस तरह के आरोप लग चुके हैं.  केरल चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने CPI(M) और भाजपा के बीच नजदीकी होने का आरोप लगाया था, जिस पर वाम दल लगातार आपत्ति जताता रहा है. CPI(M) का तर्क है कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ साथ आने और राज्य में एक-दूसरे पर ऐसे आरोप लगाने से गठबंधन का संदेश कमजोर पड़ता है.

कई राजनीतिक दलों की कांग्रेस की नाराजगी

उधर, INDIA गठबंधन की मुश्किलें सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं हैं. तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी DMK ने भी 8 जून की बैठक से दूरी बनाने का फैसला किया है. पार्टी का कहना है कि विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के साथ उसके रिश्तों में खटास आई है.  इसके अलावा झारखंड मुक्ति मोर्चा भी कांग्रेस से नाराज बताई जा रही है. राज्यसभा उम्मीदवार के चयन को लेकर उसने कांग्रेस पर सहयोगियों से बिना सलाह लिए फैसला करने का आरोप लगाया है.

कुल मिलाकर, भाजपा के खिलाफ साझा रणनीति बनाने के लिए बुलाई गई. INDIA गठबंधन की बैठक से पहले ही कई सहयोगी दल कांग्रेस के रवैये पर सवाल उठा रहे हैं. ऐसे में यह बैठक विपक्षी एकता का प्रदर्शन बनेगी या मतभेदों को और उजागर करेगी, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं.

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