India Block leadership: विपक्षी इंडिया गठबंधन का नेतृत्व कौन करेगा, अब इसको लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है. गठबंधन में शामिल शिवसेना (UBT) ने कहा कि कमान कौन संभालेगा, यह तय होना चाहिए. इतना ही नहीं शिवसेना ने सवाल उठाते हुए कहा कि इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. शिवसेना की इस मांग का ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी समर्थन किया है.
शिवसेना (UBT) के बाद कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी गठबंधन के नेतृत्व को लेकर अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा मेरी नजर में नीतीश कुमार संयोजक थे. अब नीतीश कुमार नहीं हैं, तो ऐसे में ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे या स्टालिन को इंडिया ब्लॉक का संयोजक बनाया जा सकता है. गठबंधन नेतृत्व को रोटेशन के आधार पर हर साल बदलना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर गठबंधन का संयोजक प्रमुख दल से न होकर क्षेत्रीय दल से होता, तो यह गठबंधन सफल हो सकता था. यानी खुद कांग्रेस सांसद गठबंधन को असफल मान रहे हैं.
क्या बोले संजय राउत?
राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि इंडिया गठबंधन जब लोकसभा चुनाव आते हैं, सिर्फ उन दिनों में ही बातचीत होती है, बाकी समय कोई बात नहीं होती. उन्होंने संवाद न होने को लेकर भी सवाल पूछा कि आखिर इन दिनों क्या किया जाता है? ट्रेड डील को लेकर संजय राउत ने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील से किसानों की मौत, सुसाइड और भूख का कारण बनेगी. इन मुद्दों को संसद में उठाने भर से काम नहीं चलेगा. इंडिया गठबंधन को हमेशा सतर्क रहना चाहिए. हमारी इच्छा है कि इंडिया गठबंधन लोकसभा चुनाव से पहले भी सक्रिय रहे.
संजय राउत के बयान का TMC ने किया समर्थन
इंडिया गठबंधन को लेकर संजय राउत के बयान पर ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने सहमति जताई है. शिवसेना यूबीटी के प्रवक्ता ने मांग की, कि इंडिया ब्लॉक की बैठक होनी चाहिए, जिसमें तय हो कि नेतृव्य कौन करेगा. किसी ने कहा कि ममता बनर्जी नेतृत्व करें, किसी ने स्टालिन का नाम लिया. हालांकि, डीएमके ने संजय राउत के बयान को निजी बताया है. डीएमके प्रवक्ता ने कहा कि इंडिया गठबंधन एक्टिव है. संजय राउत कुछ नहीं जानते हैं.
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कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने संजय राउत को वरिष्ठ नेता बताते हुए कहा कि अगर उन्होंने कुछ कहा है, तो इंडिया ब्लॉक के सभी सहयोगी इसको सुनेंगे और देखेंगे कि क्या करना है. एक ओर जहां संजय राउत के बयान को कुछ पार्टियां और नेता समर्थन कर रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग उनका निजी बयान बता रहे हैं. फिलहाल, अब देखना यह होगा कि आखिर इंडिया गठबंधन अपने नेतृत्व को लेकर क्या कदम उठाती है?
