‘उम्मीद है ये शांति लंबी चलेगी’, US-Iran सीजफायर पर भारत का पहला बयान, जानें होर्मुज को लेकर क्या कहा

US-Iran Ceasefire: विदेश मंत्रालय ने कहा कि 'हम पहले भी लगातार कहते रहे हैं कि मौजूदा संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए जरूरी है कि तनाव कम किया जाए और शांति स्थापित करने के लिए संवाद और कूटनीति जरूरी है.'
External Affairs Minister S Jaishankar

विदेश मंत्री एस जयशंकर

US-Iran Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार की रात को सीजफायर हो गया है. सीजफायर के ऐलान के बाद भारत सरकार की भी प्रतिक्रिया सामने आई है. भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को बयान जारी कर सीजफायर का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि सीजफायर की वजह से मिडिल ईस्ट में स्थाई शांति स्थापित होगी. जानें सीजफायर को लेकर क्या-कुछ कहा?

विदेश मंत्रालय के अनुसार, जंग के चलते पूरी दुनिया में एनर्जी सप्लाई और ट्रेड नेटवर्क बाधित हुए हैं. आम लोगों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है. बयान में कहा कि भारत ने शुरुआत से ही बातचीत के जरिए तनाव को खत्म करने की वकालत की. इसके साथ ही बयान में कहा कि भारत ने ईरान में फंसे अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने के लिए कहा है.

शांति के लिए संवाद और कूटनीति जरूरी

आगे कहा कि ‘हम पहले भी लगातार कहते रहे हैं कि मौजूदा संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए जरूरी है कि तनाव कम किया जाए और शांति स्थापित करने के लिए संवाद और कूटनीति जरूरी है.’ मंत्रालय ने कहा कि उम्मीद है अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एनर्जी सप्लाई और वैश्विक व्यापार का प्रवाह जारी रहेगा.

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ईरान छोड़ने की दी सलाह

इसके अलावा भारतीय दूतावास ने सीजफायर के ऐलान के बाद ईरान में फंसे भारतीयों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है. दूतावास ने कहा कि ईरान में रहने वाले भारतीय दूतावास के साथ तालमेल बिठाकर उनके बताए रास्तों का इस्तेमाल करे और जल्द से जल्द ईरान छोड़ दें. साथ में मदद के लिए आपातकालीन नंबर भी दिए गए हैं.

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