Vistaar NEWS

होर्मुज संकट के बीच भारत और न्यूजीलैंड में होगा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, जानें क्या-क्या होगा सस्ता

india-New Zealand FTA

भारत और न्‍यूजीलैंड में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट

India-New Zealand FTA: दुनियाभर का माहौल इस समय जंग के कारण काफी खराब है. हर रोज किसी न किसी नई मुसीबत का सामना दुनिया को करना पड़ रहा है. इस बीच भारत भी लगातार कई बड़े कदम उठा रहा है. भारत और न्यूजीलैंड के बीच एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होने जा रहा है. इसके बाद दोनों ही देश एक दूसरे देश की वस्तुएं आसानी से इंपोर्ट-एक्सपोर्ट कर सकेंगे.

भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक रिश्तों को नई मजबूती मिलने जा रही है. दोनों देश 27 अप्रैल को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं. इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार आसान होगा, कई उत्पादों पर शुल्क घटेगा और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे.

इस समझौते के तहत भारत को न्यूजीलैंड बाजार में अपने सभी निर्यात उत्पादों पर शून्य शुल्क पहुंच मिल सकती है.वहीं न्यूजीलैंड के करीब 95 फीसदी उत्पादों पर भारत चरणबद्ध तरीके से शुल्क कम या खत्म करेगा.इसमें ऊन, लकड़ी, कोयला, वाइन, एवोकाडो और ब्लूबेरी जैसे सामान शामिल हैं.

भारत ने इन चीजों को रखा बाहर

भारत ने घरेलू किसानों और छोटे उद्योगों को ध्यान में रखते हुए डेयरी, चीनी, प्याज, मसाले, खाद्य तेल और रबर जैसे संवेदनशील उत्पादों को राहत सूची से बाहर रखा है.इससे देश के कृषि और स्थानीय उद्योगों पर दबाव कम रहेगा. यही वजह है कि यह ड्रेड डील भारतीयों के लिए काफी राहत भरी रहने वाली हैं.

अगले पांच सालों तक जारी रहेगा फ्री ट्रेड

दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में आपसी व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है.साथ ही न्यूजीलैंड की ओर से अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर तक निवेश की संभावना जताई गई है.

विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर व्यापारिक तनाव बढ़ा हुआ है.ऐसे में भारत के लिए नए बाजारों तक पहुंच बनाना और निर्यात बढ़ाना रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है.

ये भी पढ़ें: वाशिंगटन के जिस होटल में मौजूद थे ट्रंप और जेडी वेंस, वहीं चलीं दनादन गोलियां, चारों तरफ मची अफरा-तफरी

Exit mobile version