दिल्ली MCD में BJP की बढ़ेगी ताकत! AAP से टूटे IVP के 16 पार्षद आज कर सकते हैं विलय

Indraprastha Vikas Party: दिल्ली नगर निगम की सियासत में बड़ा उलटफेर होने जा रहा है. AAP से अलग होकर बनी इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) के 16 पार्षद शुक्रवार को BJP में शामिल हो सकते हैं, जिससे MCD में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा.
दि‍ल्‍ली एमसीडी और बीजेपी

दि‍ल्‍ली एमसीडी और बीजेपी

Indraprastha Vikas Party: दिल्ली नगर निगम (MCD) की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. आम आदमी पार्टी (AAP) से अलग होकर बनी इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) के सभी 16 पार्षद भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं. यदि यह विलय होता है तो नगर निगम में भाजपा की स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत हो जाएगी और आने वाले निगम चुनावों व अहम समितियों में उसका दबदबा बढ़ने की संभावना है.

IVP का गठन इसी साल AAP के 16 बागी पार्षदों ने किया था. विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद इन नेताओं ने AAP नेतृत्व पर कई आरोप लगाए थे और अलग राजनीतिक रास्ता अपनाने का फैसला किया था. इसके बाद से ही MCD में संख्या बल का समीकरण बदल गया था.

पहले बीजेपी उम्‍मीदवार का किया था समर्थन

सूत्रों के अनुसार, पिछले कई दिनों से IVP और BJP के वरिष्ठ नेताओं के बीच बातचीत चल रही थी. अब दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद औपचारिक विलय की तैयारी पूरी कर ली गई है. माना जा रहा है कि विलय के बाद इन पार्षदों को नगर निगम की विभिन्न जोनल समितियों और स्टैंडिंग कमेटी में भी अहम जिम्मेदारियां मिल सकती हैं.

गौरतलब है कि अप्रैल में हुए मेयर चुनाव में भी IVP के पार्षदों ने भाजपा उम्मीदवार का समर्थन किया था, जिससे भाजपा को स्पष्ट बढ़त मिली थी. उसी समर्थन के दम पर भाजपा ने मेयर और डिप्टी मेयर दोनों पद अपने नाम किए थे.

राजनीतिक जानकारों की क्‍या है राय?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि IVP का भाजपा में विलय हो जाता है तो MCD में विपक्ष और कमजोर होगा, जबकि भाजपा के लिए नगर निगम की नीतियों और प्रशासनिक फैसलों को आगे बढ़ाना पहले की तुलना में आसान हो जाएगा. वहीं AAP के लिए यह एक और बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि उसके कई पूर्व पार्षद अब स्थायी रूप से भाजपा के साथ खड़े नजर आएंगे.

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