Irfan Ansari: झारखंड के मंत्री और कांग्रेस नेता इरफान अंसारी अपने विवादित बयानों के कारण हमेशा ही चर्चा में बने रहते हैं. इस बार भी चर्चा में रहने की वजह उनका विवादित बयान ही है. इरफान अंसारी ने दावा किया है कि दिल्ली में पढ़ाई करने वाले 40 लाख छात्र और युवा राहुल गांधी के एक इशारे का इंतजार कर रहे हैं. उनको राहुल ने ही रोक रखा है. अगर राहुल गांधी ने उनसे कह दिया तो बांग्लादेश से बुरा हाल होगा. कोई सेना उनको रोक नहीं पाएगी. मंत्री के इस बयान पर बीजेपी ने भी पलटवार किया है.
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है. इस वीडियो में उन्होंने कहा कि आज देश तबाही और बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है. अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समय रहते हालात को गंभीरता से नहीं लिया तो देश में आपातकाल जैसी स्थिति पैदा हो जाएगी. भारत का हश्र बांग्लादेश और नेपाल से भी बुरा होगा.
इरफान अंसारी ने क्या-क्या कहा?
इरफान अंसारी ने अपने बयान में कहा कि दिल्ली में उनकी छात्र-छात्राओं से मीटिंग हुई, बात हुई. वहां 40 लाख से ज्यादा वर्ग मौजूद है. वह केवल एक आदेश का इंतजार कर रहे हैं. असल में उनको राहुल गांधी ने ही रोक रखा है. वो राहुल गांधी से अलग नहीं जाएंगे. आप कितनी भी सेना बुला लेंगे? छात्र-छात्राओं को क्या वो रोक लेंगे. नेपाल और बांग्लादेश से भी बुरा हाल हो जाएगा. इस पूरी बातचीत के बैकग्राउंड में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है.
बीजेपी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी के बांग्लादेश और नेपाल आंदोलन वाले बयान पर सियासत तेज हो गई है. बीजेपी नेता नित्यानंद राय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विदेशी ताकतों के इशारे पर काम कर रही है. बीजेपी ने इसे अराजकता फैलाने की साजिश बताते हुए इरफान अंसारी से इस्तीफे की मांग की है. बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इसे भड़काऊ बयान बताया है. उन्होंने कहा कि इस तरह का बयान राहुल गांधी के अराजक टूलकिट का एक और चैप्टर है.
मंत्री के इस बयान पर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि इरफान अंसारी का यह बयान कांग्रेस और राहुल गांधी की उस नकारात्मक राजनीति को उजागर करता है. उनको तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाना चाहिए.
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