UGC Bill 2026: देशभर में UGC की नई गाइडलाइंस का विरोध तेज होता नजर आ रहा है. इस विरोध में अब अयोध्या के जगद्गुरु परमहंस आचार्य भी मैदान में आ गए हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा है और मांग की है कि या तो यूजीसी के नए नियमों को वापस लिया जाए या उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाए. नई गाइडलाइंस के बाद उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जगहों पर विरोध प्रदर्शन चल रहा है. नए नियमों का विरोध कर रहे पक्ष का कहना है कि इस नियम में सर्वण छात्रों को पहले से ही दोषी माना गया है.
नई गाइडलाइंस पर किसने क्या कहा?
- नए नियमों पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का कहना है कि हम कानून के हिसाब से ही काम करते हैं.
- भाजपा के विधायक देवेंद्र प्रताप सिंह ने इस पर कहा कि समाज में इन नियमों से नफरत पैदा होगी.
- नए नियमों पर आरएलएसपी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि गड़बड़ियों को ठीक करने के लिए नियम बनाए.
- एएसपी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि बाकी मुद्दों से भटाकने की कोशिश की जा रही है.
- एनसीपी सांसद फौजिया खान का कहना है कि शिक्षा में ऐसा माहौल नहीं बनना चाहिए.
- भाजपा के प्रवक्ता हरीश चंद्र ने इन नियमों पर कहा कि लोगों के बीच मतभेद पर सरकार विचार करेगी.
- कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने का नियमों पर कहना है कि शिक्षण संस्थानों पर आरएसएस का कंट्रोल है.
- बीकेयू के प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि ऐसी चीजों से जतिगत दुश्मनी पैदा होती है.
- एसपी सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि यूजीसी कुछ गलत नहीं किया है.
क्या है यूजीसी का नया एक्ट?
- जातीय भेदभाव की श्रेणी में एससी और एसटी के अलावा अब ओबीसी को भी शमिल किया.
- झूठी शिकायतों के बाद किसी प्रकार का जुर्माना और निलंबन नहीं.
- कॉलेज और यूनिवर्सिटी में 24 घंटों तक हेल्पलाइन का गठन.
- कमेटी में एससी, एसटी और ओबीसी महिलाओं का प्रतिनिधित्व.
यूजीसी पर सवर्णों दावा
- सवर्णों का कहना है कि ये एक्ट सवर्णों को अत्याचारी मानने वाला एक्ट है.
- झूठी शिकायत करने वालों पर किसी भी प्रकार की सजा का प्रावधान नहीं.
- सवर्ण छात्रों पर लगेंगे फर्जी आरोप
- भेदभाव की परिभाषा सवर्ण छात्रों के खिलाफ होगी.
- कमेटी में सामान्य वर्ग वालों का प्रतिनिधित्व अस्पष्ट
कहां- कहां हो रहा विरोध?
- लखनऊ में करणी सेना कर रही विरोध प्रदर्शन
- गाेंडा में भाजपा विधायक प्रतीक भूषण कर रहे विरोध प्रदर्शन
- रायबरेली में भाजपा नेताओं ने सवर्ण सांसदों को चूड़ियां भेजी.
- सोनभद्र में सवर्ण समाज के लोगों ने जिला मुख्यालय को घेरा.
- फर्रुखाबाद में प्रधानमंत्री गद्दी छोड़ो के नारे लगाए गए.
- वाराणसी में भी भारी विरोध हुआ, जहां हमारी भूल, कमल का फूल के नारे लगाए गए.
- मेरठ में राजपूत समाज के लोगों ने जोरदार विरोध किया.
- संभल में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया.
- लखीमपुर में सवर्ण समाज के लोगों ने भाजपा कि विरोध में शपथ ली.
- दिल्ली में यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन
भाजपा नेताओं के इस्तीफे
- विरोध के चलते भाजपा के 11 जिला पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दिया.
- नाेएडा के भाजपा युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष ने इस्तीफा दिया.
- रायबरेली- भाजपा किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया.
- इगलास (अलीगढ़) भाजपा सोशल मीडिया प्रभारी का इस्तीफा
- भाजपा बूथ अध्यक्ष वाराणसी का इस्तीफा
क्यों बनाए गए नए नियम?
- 17 दिसंबर 2012 से लागू पुराने नियमों के बीच 2016 में छात्र रोहित वेमुला और मई 2019 में एक मेडिकल छात्रा की जातीय उत्पीड़न के आरोपों के बाद आत्महत्या के मामले सामने आए.
- 29 अगस्त 2019 को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई.
- जनवरी 2025 में SC के निर्देश पर UGC ने फरवरी 2025 में नए नियमों का ड्राफ्ट जारी किया.
- संसदीय समिति, जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने की, ने ड्राफ्ट की समीक्षा कर OBC को शामिल कराया और झूठी शिकायत पर सजा का प्रावधान हटवाया.
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