नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष और जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला हमेशा अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहते है. इस बार भी उनका एक बयान सुर्खियों में बना हुआ है. वायरल हो रहे उनके इस बयान से पाकिस्तान के प्रति उनका झुकाव साफ नजर आता है. उन्होंने एक राजनीतिक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली दुनिया के दबाव के कारण चुप है, हमारा पड़ोसी लगातार उनके पीछे पड़ा है और हमारी रक्षा भी कर रहा है.
फारूक अब्दुल्ला के इस बयान के सामने आते ही देश में बड़ी राजनीतिक हलचल तेज हो गई. भारतीय जनता पार्टी ने भी फारूक अब्दुल्ला के इस बयान पर पलटवार करते हुए उन्हें देश छोड़कर पाकिस्तान में बस जाने की हिदायत दी है.
दरअसल, उत्तरी कश्मीर के बारामूला में शनिवार को पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने दिल्ली से न्याय मिलने की उम्मीद पर सवाल उठाए. उन्होंने लोगों से पूछा, ‘क्या वे केवल दिल्ली पर भरोसा करके बैठे रहेंगे और क्या उन्हें सच में लगता है कि वहां से उन्हें न्याय मिलेगा? लड़ने का साहस रखें, वरना आप पूरी तरह से खत्म हो जाएंगे और आपकी पहचान मिट जाएगी.’
उनके इरादे तो अच्छे नहीं हैं-फारूख अब्दुल्ला
उन्होंने भारत को लेकर विवादित बयान देते हुए कहा, ‘वे आज दुनिया के दबाव के कारण चुप हैं. हमारा पड़ोसी लगातार उनके पीछे पड़ा है. वह हर जगह जाकर कहता है कि कश्मीर का मुद्दा अभी तक सुलझा नहीं है. वह हमारी रक्षा कर रहा है, वरना उनके इरादे तो अच्छे नहीं हैं.’
बारामूला, जम्मू कश्मीर: नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा, "वह बिल्कुल खुदमुख्तार (स्वतंत्र) है। जब मैंने वह कागज़ देखे, उनसे (दिल्ली) आप क्या उम्मीद करेंगे? क्या आप यह उम्मीद करेंगे कि वह आपके लिए इंसाफ करेंगे? हिम्मत रखो मुकाबला करने की, हिम्मत नहीं रखोगे तो मिट जाओगे, नाम और निशान मिट जाएगा। यह आज चुप हैं क्योंकि दुनिया में ज़ोर है। हमारा पड़ोसी इनके पीछे लगा हुआ है। वह हर जगह पहुंच जाता है कि कश्मीर का फैसला नहीं हुआ है। वह हमें बचा रहा है, नहीं तो इनके इरादे नेक नहीं।"
— IANS Hindi (@IANSKhabar) October 24, 2026
इतना ही नहीं, फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया. उन्होंने भरोसा जताया कि एक दिन जम्मू-कश्मीर को अपना विशेष दर्जा वापस मिल जाएगा.
भाजपा का पलटवार
फारूक अब्दुल्ला के इस बयान पर जम्मू-कश्मीर भाजपा अध्यक्ष सत शर्मा ने कहा कि, ‘फारूक अब्दुल्ला को यह समझना चाहिए कि इस देश में उन्हें जो चाहे कहने की आजादी है. इसी आजादी की वजह से वे इस तरह के बयान दे पा रहे हैं. अगर उन्होंने यही बातें पाकिस्तान में कही होतीं, तो शायद उन्हें बख्शा नहीं जाता.’
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