Doda Accident: जम्मू कश्मीर के डोडा में गुरुवार (22 जनवरी) को बड़ा हादसा हो गया. खन्नीटॉप इलाके में जवानों से भरी गाड़ी खाई में गिर गई. अब तक मिली जानकारी के मुताबिक इस हादसे में 10 जवानों की जान चली गई है. गाड़ी में कुल 17 जवान सवार थे. आर्मी और पुलिस की ज्वॉइंट टीम घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं.
Bad News from Doda, JnK
— Frontalforce 🇮🇳 (@FrontalForce) January 22, 2026
5 Jawans reportedly died in a road accident at Bhaderwah-Chamba road & 6 injured airlifted to Udhampur hospital.
Om Shanti 🙏 pic.twitter.com/Nb4uOj9MKU
200 फीट गहरी खाई में गिरी सेना की गाड़ी
भारतीय सेना की गाड़ी डोडा से भद्रवाह चंबा रोड से जा रही थी. सड़क की हालत बेहद खराब है. सेना की कैस्पर गाड़ी खन्नीटॉप इलाके में 200 फीट खाई में गिर गई. इलाके में राहत और बचाव कार्य किया जा रहा है. रेस्क्यू टीम तेजी से काम कर रही हैं. घायल जवानों को सेना के मेडिकल कैंप में ले जाया जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तीन जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है. उधमपुर स्थित सेना के अस्पताल में भर्ती किया गया है.
Deeply saddened at the loss of lives of 10 of our brave Indian Army soldiers in an unfortunate road accident in Doda. We will always remember the outstanding service and supreme sacrifice of our brave soldiers. My deepest condolences to the grieving families.
— Office of LG J&K (@OfficeOfLGJandK) January 22, 2026
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल ने जताया दुख
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस हादसे पर दुख जताया है. सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करके लिखा कि डोडा में हुए दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसे में 10 जवानों की जान चली गई. हम उनकी शानदार सेवा और समर्पण को हमेशा याद रखेंगे. मेरी संवेदनाएं शहीद हुए जवानों के परिवार के साथ हैं.
एक अन्य पोस्ट में उपराज्यपाल ने लिखा कि इस दुख की घड़ी में पूरा देश शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ा है. 10 घायल सैनिकों को एयरलिफ्ट करके अस्पताल पहुंचाया गया है. वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि घायल जवानों को समुचित इलाज मुहैया कराया जाए.
9 महीने पहले भी हुआ था हादसा
- डोडा हादसे से पहले 4 मई 2025 को जम्मू कश्मीर के रामबन जिले में सेना की गाड़ी 600 मीटर खाई में गिर गई.
- हादसे में 5 जवानों की मौत हो गई थी. हादसे में शामिल सभी जवान 11 मराठा रेजीमेंट के थे.
- सेना ने की ओर से बताया गया था कि काफिले में सेना की 6 गाड़ियां शामिल थीं. सेना की गाड़ियां बनोई जा रही थीं.
