Jantar Mantar protest: देश की राजधानी जंतर-मंतर पर एक और प्रदर्शन की शुरुआत हो चुकी है. यह प्रदर्शन जाति आधारित आरक्षण को खत्म करने की मांग को लेकर शुरू हुआ है, जिसमें देशभर से लोग शामिल होने दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचे थे. शुक्रवार को पूरे दिन जमकर नारेबाजी चली. साथ ही साथ सरकार के खिलाफ भी बयानबाजी होती रही. हालांकि देर शाम सुरक्षाबलों ने वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों को खदेड़ना शुरू कर दिया.
प्रदर्शनकारियों को खदेड़े जाने के बाद ऐसा माना जा रहा है कि आज यानी की शनिवार को बड़ी संख्या में लोग जुट सकते हैं. क्योंकि तड़के सुबह ही बापू समाधि राजघाट के पास बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. लेकिन, इस दौरान पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया. पुलिस की कार्रवाई के बाद लोग नाराज हैं.
पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप?
प्रदर्शनकारियों का सीधा कहना है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे. इसके बाद उन्हें साथ इस तरह का व्यवहार किया गया. आंदोलनकारियों का कहना है कि उन्होंने शुरुआत से ही अहिंसक तरीके से आवाज उठाई, लेकिन जंतर मंतर पर पहले से मौजूद अन्य समूहों की वजह से उन्हें वहां से हटाया गया.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया है. जबकि पुलिस ने इस तरह की बातों से साफ तौर पर इनकार किया है.
आज जुट सकती है भारी भीड़
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, करणी सभा समेत विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और जातीय संगठनों से जुड़े लोग भी प्रदर्शन में शामिल हुए. प्रदर्शनकारी आरक्षण का आधार जाति के बजाय आर्थिक स्थिति को बनाने की मांग कर रहे हैं. आज यानी 22 अगस्त को भीड़ बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
जंतर-मंतर मौजूद प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मौजूदा जाति-आधारित आरक्षण व्यवस्था में बदलाव किया जाए. जबकि इस तरह के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने अपना रुख साफ किया है. पुलिस अधिकारियों की तरफ से कहा गया कि प्रदर्शनकारियों ने पहले से कोई परमिशन नहीं ली थी. न ही उनके पास अभी कोई परमिशन है. एहतियात के तौर पर सुरक्षा बल की तैनाती की गई है.
