Jantar Mantar Women Sexual Harassment: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले दिनों हुए विरोध प्रदर्शन के बाद कई तरह के सवाल खड़े हुए. पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई सूर्यकांत ने सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर खड़ा किया है. सुनवाई के दौरान सीजेआई ने जांच समिति से सीधे तौर पर कहा कि पहले महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ की शिकायतों की गंभीरता से जांच की जाए.
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अधिवक्ता शोभा गुप्ता ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित रूप से हुई छेड़छाड़ और गलत व्यवहार का मुद्दा उठाया. उन्होंने अदालत से इन मामलों पर स्वतः संज्ञान लेने की मांग की. दलील दी गई कि कुछ महिला प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर आपत्तिजनक व्यवहार के आरोप लगाए हैं. सोशल मीडिया के माध्यम से भी ऐसी शिकायतें सामने आई हैं.
बीजेपी ने दिए जांच के आदेश
सोशल मीडिया पर पुलिस की हरकत के कई वीडियो सामने आए थे, जिसके बाद पुलिस और उनके आला अधिकारियों पर सवालिया निशान खड़े हुए. इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि पहले से गठित हाई पावर जांच समिति को इन संवेदनशील आरोपों पर विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि समिति जल्द ही इस संबंध में अंतरिम रिपोर्ट पेश कर सकती है.
सुनवाई के दौरान यह भी सवाल उठा कि पीड़ित महिलाएं अपनी शिकायतें जांच समिति तक आसानी से कैसे पहुंचाएं. इस पर सीजेआई ने कहा कि समिति के अध्यक्ष को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने की छूट दी गई है. ताकि शिकायतकर्ताओं के लिए अपनी बात रखना आसान हो सके.
विशेष समिति कर रही है मामले की जांच
सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर और अन्य स्थानों पर छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई से जुड़े आरोपों की जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति बनाई है. इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आर. सुभाष रेड्डी कर रहे हैं.
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