CID Raids Devendra Mahto Hunger Protest: झारखंड में जेपीएससी और जेएससी भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है. छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरा छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है. उन्होंने मांग की है कि जेपीएससी, जेएससी सीजीएल परीक्षा समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की जांच सीबीआई और ईडी से कराई जाए. इसके साथ ही उन्होंने परीक्षा को रद्द करने की भी मांग की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भूख हड़ताल की जानकारी देते हुए लिखा कि यह लड़ाई सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं बल्कि झारखंड के लाखों मेहनती युवाओं के भविष्य की लड़ाई है.
भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 3 अगस्त को सोशल मीडिया पर लिखा, “आज भूख हड़ताल का दूसरा दिन है. 5 जुलाई से शुरू हुआ यह संघर्ष और 25 जुलाई से जारी दिवा-रात्रि सत्याग्रह अब एक कठिन पड़ाव पर है. शरीर में कमजोरी है, कदम भारी हैं, लेकिन छात्रों को न्याय दिलाने का संकल्प पहले से भी अधिक मजबूत है.”
भूख हड़ताल का दूसरा दिन है।
— Devendra Nath Mahto (@DevendraNathMa9) August 3, 2026
5 जुलाई से शुरू हुआ यह संघर्ष और 25 जुलाई से जारी दिवा-रात्रि सत्याग्रह अब एक कठिन पड़ाव पर है। शरीर में कमजोरी है, कदम भारी हैं, लेकिन छात्रों को न्याय दिलाने का संकल्प पहले से भी अधिक मजबूत है।
यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों… pic.twitter.com/QqgVpBk9Rn
आंदोलन को बताया भविष्य की लड़ाई
उन्होंने आगे लिखा, “यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों मेहनती युवाओं के भविष्य की लड़ाई है. हर उस छात्र की लड़ाई है जिसने वर्षों की मेहनत, अपने सपनों और अपने परिवार की उम्मीदों को प्रतियोगी परीक्षाओं के भरोसे रखा. मैं सभी साथियों से अपील करता हूं कि आंदोलन को शांतिपूर्ण, संवैधानिक और अनुशासित बनाए रखें. आपका विश्वास, आपका साथ और आपकी आवाज ही इस संघर्ष की सबसे बड़ी ताकत है. भूख शरीर को कमजोर कर सकती है, लेकिन न्याय के लिए उठी आवाज को नहीं.”
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कौन हैं देवेंद्र नाथ महतो?
देवेंद्र नाथ महतो छात्र नेता हैं, जो आंदोलन के प्रमुख चेहरे भी हैं. वे रांची के एक गांव से आते हैं. उनकी स्कूली पढ़ाई बुंडू से हुई और उच्च शिक्षा रांची की श्यामा प्रसाद मुखर्जी से हासिल की. इसके बाद उन्होंने ट्राइबल एंड रीजनल लैंग्वेजेज में भी पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. इतना ही नहीं वे साल 2024 के विधानसभा चुनाव में तमाड़ सीट से भी निर्दलीय चुनाव लड़ा था. यह आंदोलन तो काफी समय से चल रहा था, लेकिन अब कॉकरोच जनता पार्टी का भी समर्थन मिल गया है. जिसके बाद यह आंदोलन और बढ़ने की संभावना है.
