Six Layer Barricade Ranchi Assembly: झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी के खिलाफ छात्रों का धरना जारी है. हेमंत सोरेन सरकार ने छात्रों ने तीन बार बातचीत की, इसके बावजूद सहमति नहीं बनीं. जब तीसरे दौर की वार्ता सरकार के साथ विफल रही, तो छात्रों ने आज सोमवार को विधानसभा के घेराव का ऐलान कर दिया. छात्र विधानसभा तक न पहुंचें. उनको रोकने के लिए विधानसभा को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. बैरिकेडिंग पर कंटीले तार लगा दिए हैं ताकि छात्र विधानसभा तक न पहुंच सकें. फिलहाल, छात्र अभी भी सीबीआई जांच की मांग को लेकर अड़े हुए हैं.
रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की जब सरकार से बातचीत नहीं बनी तो उन्होंने विधानसभा घेराव का ऐलान कर दिया. छात्रों के तेवर को देखते हुए प्रशासन ने विधानसभा के आसपास 9 अगस्त की रात से अगले आदेश तक निषेधाज्ञा लागू कर दी और सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया ताकि कोई छात्र विधानसभा तक न पहुंच पाए. छात्रों को रोकने के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग और उसमें कंटीले तार को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है.
झारखंड सरकार के द्वारा छात्रों के लिए सुरक्षा के इंतजाम किए गए है जिससे कि छात्रों को काटा न चुभे दर्द न हो
— JPSC JSSC REFORM MANCH (@JPSCreformanch) August 9, 2026
कल विधानसभा घेराव होकर रहेगा 📌🚨 pic.twitter.com/HVWhE0zTLD
कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था
प्रदर्शन कर रहे छात्रों के अनुसार, विधानसभा घेराव के लिए रांची के अलग-अलग इलाकों में छात्रों और अभ्यर्थियों के जुटने की संभावना है. लेकिन रांची प्रशासन ने कई स्थानों पर मजबूत बैरिकेडिंग के साथ ही कंटीले तार लगा दिए, ताकि कोई विधानसभा तक न पहुंच सके. आम आदमी को भी अगर विधानसभा तक पहुंचना होगा, तो उसे भी कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था को पार करनी होगी.
ये भी पढ़ेंः छात्र आंदोलन के बीच JPSC के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा, फिर भी नहीं खत्म हुआ अनशन
ADG ने छात्रों से की अपील
वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर CID के ADG मनोज कौशिक ने कहा कि छात्रों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. हम सभी छात्रों से अपील करना चाहते हैं कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें. छात्र कुछ भी ऐसा करने का प्रयास नहीं करें, जिससे उनके भविष्य पर असर पड़े. चाहे सरकारी नौकरी या प्राइवेट, वेरिफिकेशन के दौरान छात्रों का कैरेक्टर पाक साफ हो, इसका जरूर ध्यान रखें. फिलहाल, विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
