Kashmir Peace Milestone Report: जम्मू-कश्मीर में मई 2026 का महीना सुरक्षा के लिहाज से ऐतिहासिक माना जा रहा है. पिछले तीन दशकों में पहली बार पूरा मई महीना बिना किसी बड़े आतंकी हमले, गोलीबारी या आतंकी हत्या के गुजर गया. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ लगातार चलाए गए अभियानों, सीमा पर कड़ी निगरानी और मजबूत खुफिया तंत्र के कारण घाटी में हिंसा में कमी आई है.
अधिकारियों के मुताबिक हाल के वर्षों में स्थानीय युवाओं की आतंकी संगठनों में भर्ती भी घटी है. साथ ही आम लोगों के सहयोग, विकास कार्यों और पर्यटन गतिविधियों में बढ़ोतरी ने भी हालात को सामान्य बनाने में अहम भूमिका निभाई है. हालांकि सुरक्षा एजेंसियां अभी भी सतर्क हैं और उनका मानना है कि खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है.
इस बीच राजौरी और नियंत्रण रेखा (LoC) के आसपास सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं ताकि घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों को रोका जा सके. विशेषज्ञों का मानना है कि मई 2026 की यह शांति कश्मीर में बदलते हालात का सकारात्मक संकेत है, लेकिन इसे स्थायी बनाए रखने के लिए सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर प्रयास जारी रखने होंगे.
पिछले साल अप्रैल में हुआ था पहलगाम हमला
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को आतंकी हमला हुआ था. इसमें कई लोग मारे गए थे जबकि कई लोग बुरी तरह से घायल हुए थे. इस हमले के बाद से ही सेना लगातार एक्शन ले रही है. लगातार छापेमारी और आतंकवादियों की धरपकड़ जारी है. इसका असर भी अब धीरे-धीरे मिल रहा है.मई महीने में कोई भी बड़ी घटना नहीं हुई है.
अब लोग कर रहे मदद
वैसे मई महीने में राष्ट्रीय जांच एजेंसी भी जम्मू कश्मीर में खासी एक्टिव रही है. जांच एजेंसियों का उद्देश्य आतंकियों के आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करना और उनकी मदद करने वाले लोगों की पहचान करना था. यही वजह है कि लगातार अपनी एक्टिविटी भी बढ़ा रही है.
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि इस बदलाव में आम लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है. पहले के मुकाबले अब उनका भी इस काम में सहयोग मिल रहा है. इसी का यह नतीजा है.
