Amit Shah FCRA Bill Debate: संसद के मानसून सत्र के दौरान आज लोकसभा की कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि आज यानी गुरुवार को FCRA (विदेशी अंशदान विनियमन) संशोधन विधेयक पर चर्चा होगी. इसके साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विपक्ष के आरोपों का जवाब दे सकते हैं.
विपक्ष का आरोप है कि सरकार इस बिल के जरिए एनजीओ और सामाजिक संगठनों पर नियंत्रण बढ़ाना चाहती है, विदेशी फंडिंग पर जरूरत से ज्यादा प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं. विपक्ष का यह भी कहना है कि इससे स्वतंत्र रूप से काम करने वाले संगठनों पर असर पड़ सकता है.
सरकार का पक्ष है कि संशोधन का उद्देश्य किसी संस्था को निशाना बनाना नहीं है. बल्कि विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता बढ़ाना है. पैसों के दुरुपयोग पर रोक लगाना और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है. माना जा रहा है कि अमित शाह अपने संबोधन में इन सभी आरोपों का बिंदुवार जवाब देते हुए सरकार का पक्ष विस्तार से रखेंगे.
संसद के दोनों सदन लोकसभा-राज्यसभा की पल-पल की कार्यवाही के अपडेट जानने के लिए ब्लॉग पढ़ते रहें….
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- राज्यसभा सांसदों ने आज चेयरमैन से मिलकर विनती की है कि हमें प्रधानमंत्री का माफीनामा और केंद्रीय गृह मंत्री का बयान चाहिए.
खड़गे ने कहा- सरकारी वाहनों को क्या क्षतिग्रस्त किया गया? या किसी नेता को रोका गया? वे तो शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन उन्हें हटाने के लिए जिस तरह की कार्रवाई की गई वो गलत है. हम चाहते थे कि गृह मंत्री सदन में आएं और ये बताएं कि किसने लाठीचार्ज करने के लिए कहा? क्या ये पुलिस अधिकारियों ने किया? पैलेट गन्स का जो प्रयोग बुआ, ये भी क्या पुलिस अधिकारियों ने किया? आंसू गैस का प्रयोग भी क्या पुलिस अधिकारियों ने ही किया? बहुत से नौजवानों को, विद्यार्थियों को, छात्राओं को पीटा गया, मारा गया। इसके ऊपर हम सवाल पूछ रहे हैं और इसे लेकर सदन में आकर बयान ना देने की उनकी क्या मजबूरी है? 15 दिन से सदन चल रहा है और प्रधानमंत्री नहीं आ रहे, केंद्रीय गृह मंत्री गायब हैं. इसके दो ही अर्थ हो सकते हैं, पहला या तो वे सदन को नजरअंदाज कर रहे हैं या फिर दूसरा कि वे डरकर कोई जवाब नहीं देना चाहते हैं.
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- छात्रों के ऊपर जो अन्याय हुआ, जो अत्याचार हुआ है और इतनी बर्बरता से उनके ऊपर लाठियां चलाई गईं, गोलियां चलाई गईं. जो चीजें नहीं करनी चाहिए थी, जिन चीजों का इस्तेमाल नहीं करना था, पैलेट गन्स हों, आंसू गैस हों, लाठी हो, ये सारी चीजें, उन्होंने विद्यार्थियों पर इस्तेमाल की. विद्यार्थियों ने ऐसी कोई गड़बड़ नहीं की है.
भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने कहा- कांग्रेस नहीं चाहती है कि सदन चले. बोलने के लिए कांग्रेस के पास कुछ नहीं है. हर बार विपक्ष के नेता सदन में एक ही बात बोलते हैं। वे आज तक कोई नई बात नहीं कह पाए. इसलिए जब कांग्रेस के पास बोलने के पास कुछ नया नहीं है तो वे सदन को हंगामा करके बाधित करने का प्रयास करते हैं… हम सदन चलाना चाहते थे. सदन में कामकाज हो ये चाहते थे लेकिन वे लोग बार-बार कार्यवाही बाधित कर रहे हैं.
अवधेश प्रसाद ने कहा- राम नगरी में प्रभु राम के मंदिर से चढ़ावा चोरी और चंदा चोरी का खुलासा हमारे नेता अखिलेश यादव ने 2 महीने पहले किया था. अफसोस है कि उस पर सरकार कुछ नहीं कर रही है. बचाव कर रही है और सदन में सरकार किसी प्रकार का बयान देने, चर्चा करने में कतरा रही है। इसी बात के लिए बार-बार सदन स्थगित हो रहा है.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और अन्य सांसदों ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष गुरदयाल सिंह ढिल्लों को उनकी जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की.
#watch | दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और अन्य सांसदों ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष गुरदयाल सिंह ढिल्लों को उनकी जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की। pic.twitter.com/AN4OHNJ1CH
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 6, 2026
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा, “झारखंड में हमारे अध्यक्ष जा चुके हैं, वहां वार्ता चल रही है. हमारे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वार्ता के लिए टीम बना दी है. यहां लाठी-गोली चल रही है, वहां परिवार की तरह वार्ता चल रही है. हर कीमत पर दोषियों को सजा मिलनी चाहिए.”
#watch दिल्ली। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा, “झारखंड में हमारे अध्यक्ष जा चुके हैं, वहां वार्ता चल रही है। हमारे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वार्ता के लिए टीम बना दी है। यहां लाठी-गोली चल रही है वहां परिवार की तरह वार्ता चल रही है…हर कीमत पर दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।” pic.twitter.com/Z2hc63KzcS
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 6, 2026
संसद के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को CJP प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ‘पुलिस कार्रवाई’ को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
आज सदन में जवाब दे सकते हैं अमित शाह
सूत्रों का कहना है कि जब FCRA संशोधन बिल 2026 संसद में चर्चा के लिए आएगा. तब गृह मंत्री अमित शाह इस पर जवाब दे सकते हैं. विपक्ष की तरफ से लंबे समय से अमित शाह के सदन में न रहने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं.
FCRA बिल पर हो सकती है चर्चा
संसद में आज विदेशी चंदे से जुड़े फॉरेन कॉन्ट्रिब्यूशन (रेगुलेशन) संशोधन बिल यानी FCRA पर चर्चा हो सकती है.
