Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों को एक साथ आने का प्रस्ताव दिया है. सूत्रों के मुताबिक, शरद पवार और सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाले गुट अगर फिर से एकजुट होकर एनडीए का हिस्सा बनते हैं, तो उन्हें केंद्र सरकार में दो कैबिनेट मंत्री पद देने पर भी विचार किया जा सकता है.
केंद्र सरकार संसद में कुछ अहम संविधान संशोधन विधेयक लाने की तैयारी में है. ऐसे में सदन में मजबूत संख्या जुटाने के लिए भाजपा अपने सहयोगी दलों का दायरा बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है. इसी कड़ी में एनसीपी के दोनों गुटों को एक मंच पर लाने की कोशिश तेज हुई है.
सालों बाद साथ आएंगे दोनों गुट?
हालांकि, यह राह आसान नहीं मानी जा रही है. दोनों गुटों के बीच नेतृत्व और सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर कई मतभेद सामने हैं. सुनेत्रा पवार खेमे की तरफ से संगठन और सरकार में बड़ी भूमिका की मांग की जा रही है. वहीं पार्टी के कई सीनियर नेताओं का मानना है कि किसी भी समझौते में सभी नेताओं के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए.
बीच में फंसे शरद पवार
दूसरी ओर, शरद पवार गुट भी फिलहाल अपने राजनीतिक विकल्प खुले रखे हुए है. सूत्रों का दावा है कि यह गुट कांग्रेस और भाजपा, दोनों पक्षों से बातचीत की संभावना तलाश रहा है. पार्टी के सांसदों और विधायकों के बीच भी आगे की रणनीति को लेकर अलग-अलग राय बताई जा रही है. एक वर्ग एनडीए के साथ जाने का समर्थक है, जबकि दूसरा कांग्रेस के साथ राजनीतिक भविष्य देख रहा है.
शरद पवार के लिए क्या चाहता है उनका गुट?
चर्चा यह भी है कि यदि कांग्रेस के साथ कोई समझौता होता है, तो शरद पवार खेमा सुप्रिया सुले के लिए बड़ी जिम्मेदारी चाहता है. वहीं एनडीए के साथ बातचीत की स्थिति में उनके लिए केंद्रीय मंत्री पद और समर्थक नेताओं के लिए भी सरकार में प्रतिनिधित्व जैसे विकल्पों पर चर्चा होने की बात कही जा रही है.
हालांकि, भाजपा, एनसीपी (शरद गुट) और सुनेत्रा पवार गुट किसी भी पक्ष ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. फिलहाल महाराष्ट्र की राजनीति में इन संभावित समीकरणों को लेकर अटकलों का दौर तेज है.
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