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भारत की बेटी का दुनिया में जलवा, मेजर अभिलाषा बराक को मिला UN का बड़ा पुरस्कार, PM ने दी बधाई

अभिलाषा बराक

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Major Abhilasha Barak: भारतीय सेना की मेजर अभिलाषा बराक को संयुक्त राष्ट्र (UN) ने वर्ष 2025 के मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवार्ड से सम्मानित किया है. यह सम्मान उन्हें शांति मिशन के दौरान महिलाओं के सशक्तिकरण, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और स्थानीय समुदायों के साथ बेहतर जुड़ाव बनाने के लिए दिया गया.  मेजर अभिलाषा बराक भारतीय सेना की एक जांबाज सैन्य अधिकारी हैं. उनकी इस उपलब्‍ध‍ि पर पीएम मोदी ने भी बधाई दी है.

मेजर बराक ने लेबनान में तैनात संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन UNIFIL के तहत फीमेल इंगेजमेंट टीम (FET) की कमान संभाली. इस दौरान उन्होंने महिलाओं और किशोरियों के साथ काम किया, उनकी समस्याओं को समझा और शांति अभियानों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसक साथ ही उन्होंने शांति सैनिकों को जेंडर सेंसिटाइजेशन से जुड़ा प्रशिक्षण भी दिया.

कौन हैं अभिलाषा बराक?

अभिलाषा बराक हरियाणा के रोहतक की रहने वाली हैं और भारतीय सेना में एक ऐतिहासिक पहचान बना चुकी हैं. वह भारतीय सेना की पहली महिला कॉम्बैट हेलीकॉप्टर पायलट हैं. उन्होंने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और 2017 में चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी से प्रशिक्षण प्राप्त कर सेना में शामिल हुईं.

यह सम्मान पाने वाली अभिलाषा बराक भारत की तीसरी सैन्य अधिकारी हैं. इससे पहले भारतीय सेना की अधिकारियों को भी यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुका है. उनकी उपलब्धि न केवल भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत के शांति अभियानों में योगदान को भी मजबूत करती है.

मेजर बराक ने क्या कहा?

संयुक्त राष्ट्र से सम्मान मिलने के बाद मेजर बराक ने कहा कि सपनों का कोई लिंग नहीं होता उनका मानना है कि अगर अवसर और संकल्प हो तो महिलाएं किसी भी क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकती हैं.

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