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Makar Sankranti: मकर संक्रांति पर प्रयागराज में उमड़ा आस्था का सैलाब, संगम में डुबकी लगाने पहुंचे लाखों श्रद्धालु

Makar Sankranti Prayagraj Magh Mela

प्रयागराज में स्नान के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

Prayagraj Magh Mela: मकर संक्रांति के पावन पर्व पर प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है. लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाई. मेला प्रशासन ने भारी भीड़ के अंदेशा को देखते हुए 13 जनवरी से ही चार पहिया वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी. अनुमान है कि मकर संक्रांति पर 2 करोड़ के ज्यादा श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाएंगे. बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. सभी स्नान घाटों पर भीड़ नियंत्रित करने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं.

VIP कल्चर पर रोक

मकर संक्रांति पर भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने वीआईपी कल्चर पर पूरी तरह रोक लगाई है. वीआईपी कल्चर की वजह से कुंभ मेले को लेकर प्रशासन और सरकार पर सवाल खड़े हो रहे थे. उसके बाद अब माघ मेले में वीआईपी कल्चर पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है. सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. इंटेलिजेंस एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर है. स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती ही जा रही है.

10 हजार पुलिसकर्मी तैनात

प्रयागराज एसपी माघ मेला नीरज पांडे ने बताया, “मकर संक्रांति को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने पूरी व्यवस्था कर ली है. करीब 10,000 पुलिसकर्मी तैनात हैं. 22 पीएसी, 6 आरएएफ, एनडीआरएफ, एटीएस और सिविल पुलिस के जवान बड़ी संख्या में तैनात हैं. जल पुलिस लगातार गश्त कर रही है. ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है. पूरी तैयारियां पूरी हैं और सभी को सुरक्षित स्नान का आश्वासन दिया जा रहा है.”

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प्रयागराज माघ मेला में अभय चैतन्य मौनी महाराज बोले, “भगवान महादेव की कृपा से, पवित्र नगर प्रयागराज में, भगवान शिव का 11 फीट ऊंचा और 9 फीट लंबा दिव्य ज्योतिर्लिंग 5 करोड़ 51 लाख पवित्र मंत्रों और 5.51 करोड़ रुद्राक्षों के साथ स्थापित किया गया है. 11,000 त्रिशूल भी स्थापित किए गए हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा, श्री धाम अयोध्या, काशी और मथुरा में दिव्य मंदिरों के निर्माण, आतंकवाद के नाश, बांग्लादेशी हिंदुओं की रक्षा, गंगा नदी के निर्बाध प्रवाह, गौहत्या के निवारण और भ्रूण हत्या के अंत के संकल्प के साथ ये अनुष्ठान किए जा रहे हैं.”

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