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मणिपुर में दो नागरिकों की हत्‍या के बाद तनाव! UNC ने किया बंद का ऐलान, उग्रवादियों की तलाश जारी

इम्‍फाल में विरोध प्रदर्शन में उतरी मह‍िलाएं

इम्‍फाल में विरोध प्रदर्शन में उतरी मह‍िलाएं

मणिपुर के उखरूल जिले में शनिवार को रिटायर आर्मी जवान समेत दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई. यही वजह है कि एक बार फ‍िर माहौल गर्म है. घटना के विरोध में लोगों के प्रदर्शन के बाद सीएम युमनाम खेमचंद सिंह ने लोगों से शांति की अपील की है. पूरे मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है. इन हत्याओं के विरोध में यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) ने तीन दिन के पूर्ण बंद का आह्वान किया है.

शनिवार को  रिटायर आर्मी जवान एसडब्ल्यू चिनाओशांग (46 वर्ष) और यरुइंगम वाशुम (42 वर्ष) इंफाल से उखरुल जा रहे थे, इसी दौरान उनकी कार पर पहले उग्रवादियों ने फायरिंग दी. इसके बाद उनकी गोली मारकर हत्या कर दी. घटना के बाद से ही सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है.  इससे पहले 7 अप्रैल को भी एक बम धमाके में दो मासूमों की जान चली गई थी.

मणिपुर में फ‍िर हो रही हिंसा?

मणिपुर के लिए पिछले 2 साल काफी खराब रहे हैं. यहां कुकी और मैतई समुदाय के बीच हुई हिंसा के कारण राष्ट्रपति शासन भी लगाया गया था. इसके साथ ही हिंसाओं में सैकड़ों लोगों की जान गई और बड़ी संख्या में लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए. लंबी हिंसा के बाद 4 फरवरी 2026 को युमनाम खेमचंद सिंह ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. ऐसा कहा गया कि अब हालात सामान्य हो चुके हैं. इसके दो महीनों के बाद ही एक बार फिर हिंसा देखने को मिल रही है.

हिंसा के पीछे की वजह?

मणिपुर में कुछ दिनों की शांति के बाद एक बार फिर हिंसा की घटनाएं पांव पसारने लगी हैं. सरकार की तरफ से दावा किया जा रहा है कि यह घटनाएं असामाजिक तत्वों की वजह से हो रही हैं. दूसरी तरफ इन हिंसाओं के कारण लोगों का गुस्सा भी सामने आ रहा है. यही वजह है कि वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इम्फाल में बीते द‍िनों हजारों की संख्या में लोगों ने एकत्रित होकर मशाल जुलूस निकाला.

23 अप्रैल तक मणिपुर बंद का ऐलान

मणिपुर में दो नागा नागरिकों की बर्बर हत्या के विरोध में यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) ने तीन दिन के पूर्ण बंद का आह्वान किया है.  यह बंद अगले तीन दिनों तक चलने वाला है. यह घटना मणिपुर में जारी जातीय तनाव को एक बार फिर उजागर करती है. नागा संगठनों का कहना है कि बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं से नागा समुदाय में गुस्सा और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है. उन्‍होंने साफ किया कि अगर सरकार की तरफ से कठोर एक्शन नहीं लिया जाता है तो वह उग्र आंदोलन करेंगे.

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