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मार्क जकरबर्ग ने डीपफेक और कंटेंट में गड़बड़ियों पर मांगी माफी, सरकार को लिखित में भेजा माफीनामा

Mark Zuckerberg

मार्क जुकेरबर्ग (सीईओ फेसबुक)

Meta Admits Mistakes On Deepfakes: मार्क जकरबर्ग ने CSAM (बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा कंटेंट), डीपफेक कंटेंट और प्लेटफॉर्म चलाने में हुई गलतियों के लिए माफी मांगी है. उन्हें साफ तौर पर बताया गया कि वे ‘इंटरमीडियरी’ (मध्यस्थ) की परिभाषा के दायरे में नहीं आते हैं. वे खुद तय करते हैं कि कंटेंट किसे मिलेगा. IT एक्ट के तहत ‘सेफ हार्बर’ (सुरक्षा कवच) का नियम उन पर लागू नहीं होता है.

जकरबर्ग ने माफी मांगते हुए अपनी गलतियों पर भी खेद व्यक्त किया है. उन्होंने खुद स्वीकार किया है कि कुछ खास प्रकार के कंटेंट को बढ़ावा देने के लिए भारी पैसों का भुगतान किया गया था. सरकारी अधिकारियों ने मेटा को बताया था कि वह आईटी अधिनियम के तहत इंटरमीडियरी की परिभाषा के दायरे में नहीं आती है.

मेटा ने कहा कि आईटी एक्ट के तहत सेफ हार्बर उन पर लागू नहीं होता है. बता दें, सेफ हार्बर एक ऐसा कानूनी प्रावधान है, जो सोशल मीडिया और इंटरनेट कंपनियों को उनके प्लेटफॉर्म पर यूजर्स की तरफ से डाले जाने वाले कंटेंट के लिए कानूनी जिम्मेदारी से छूट देता है.

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अश्विनी वैष्णव से हुई थी 30 मिनट मुलाकात

मेटा के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कपलान ने आज इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव से अपनी टीम के साथ मुलाकात की है. उनके साथ करीब 30 मिनट तक बातचीत चली. इससे पहले मेटा के अधिकारियों ने MeitY सेक्रेटरी एस. कृष्णन से भी मुलाकात की थी.

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