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US Iran वार्ता फेल होने पर मौलाना खालिद ने जताई चिंता, दिया बड़ा बयान

Maulana Khalid Rashid Firangi

मौलाना खालिद रशीद फिरंगी

Iran America Peace Talk: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग को लेकर सीजफायर का ऐलान किया गया था. इसके बाद पाकिस्तान के इस्लामाबाद में सीजफायर को लेकर करीब 21 घंटे वार्ता चली. इसमें अमेरिका और ईरान के कई वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल रहे, लेकिन कोई हल नहीं निकला. अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान के साथ समझौते नहीं होने पर वापस लौट गए हैं. यानी वार्ता विफल हो गई है. वार्ता विफल होने के बाद अब प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है.

अमेरिका ईरान के बीच सीजफायर को लेकर चल रही वार्ता के बाद ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी ने भी टिप्पणी की है. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि ईरान और अमेरिका की बातचीत किसी सकारात्मक नतीजे पर नहीं पहुंची और पूरी तरह विफल रही. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और ओआईसी (इस्लामिक सहयोग संगठन) से हस्तक्षेप करने की बात कही और कहा कि पूर्ण संवाद के माध्यम से इस मुद्दे को हल किया जाए, ताकि वैश्विक शांति बनी रही.

मौलाना खालिद ने जताई चिंता

दरअसल, अमेरिका वैश्विक स्तर पर अपना दबदबा बनाए रखने के लिए जो देश उसकी बात नहीं मानता है, उसे चेतावनी देता रहता है. अमेरिका ने चीन को भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान को हथियार दिए, तो बड़े अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे. इस पर भी खालिद ने टिप्पणी की है. खालिद ने कहा कि अमेरिका के चीन को धमकी देने के बाद मामला और गंभीर होता जा रहा है.

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ईरान न झुका न झुकेगा

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत फेल होने के ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि शर्त अमेरिका के हिसाब से नहीं ईरान के हिसाब से तय होगी. उन्होंने आगे कहा कि ईरान भी हर हमले के लिए तैयार है. ईरान न झुका है और न ही टूटा है. बेशक ईरान में शहादतें हुई हैं. ईरान में हमारे सुप्रीम लीडर समेत लोगों और बच्चों की शहादतें हुई हैं. इससे ईरान न झुका है, न टूटा है. अमेरिका के साथ गिरकर समझौता नहीं होगा. समझौता होगा तो सिर्फ बराबर का अन्यथा नहीं होगा.

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