बिजली कटौती के लिए रहें तैयार; रिकॉर्ड मांग के बीच ऊर्जा मंत्रालय की बड़ी अपील, लोगों से कहा- समझदारी से करें बिजली का इस्तेमाल
ऊर्जा मंत्रायल की अपील
देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी अब बिजली व्यवस्था पर भी भारी पड़ने लगी है. लगातार बढ़ते तापमान के बीच बिजली की मांग ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि केंद्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय को खुद सामने आकर लोगों से सावधानीपूर्वक और समझदारी से बिजली इस्तेमाल करने की अपील करनी पड़ी है.
ऊर्जा मंंत्रालय ने दी जानकारी
ऊर्जा मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, पिछले चार दिनों में देश में दिन के समय बिजली की मांग लगातार नए रिकॉर्ड बनाती रही. 18 मई को जहां पीक डिमांड 257.37 गीगावॉट रही, वहीं 19 मई को यह बढ़कर 260.45 गीगावॉट पहुंच गई. इसके बाद 20 मई को मांग 265.44 गीगावॉट तक पहुंची और 21 मई को देश में अब तक की सबसे बड़ी दिन की बिजली मांग 270.82 गीगावॉट दर्ज की गई.
मंत्रालय ने कहा है कि आमतौर पर दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच बिजली की सबसे ज्यादा मांग होती है. यही वह समय है जब एसी, कूलर और अन्य उपकरणों के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के कारण पावर ग्रिड पर दबाव तेजी से बढ़ जाता है.
मंत्रालय की अपील से खड़े हो रहे सवाल
हालांकि सरकार ने दावा किया है कि देश की बिजली व्यवस्था इतनी मांग को पूरा करने के लिए तैयार है, लेकिन मंत्रालय की अपील कई सवाल भी खड़े कर रही है. ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि जब सरकार खुद लोगों से बिजली बचाकर इस्तेमाल करने की सलाह दे रही है, तो यह संकेत है कि आने वाले दिनों में कई राज्यों में लोकल स्तर पर बिजली संकट या कटौती की स्थिति बन सकती है.
देश के कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री पार
दरअसल, उत्तर भारत समेत कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है. दिल्ली-NCR, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में दिनभर एसी और कूलिंग सिस्टम चलने से बिजली की खपत अचानक बढ़ गई है. बिजली कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती पीक ऑवर की मांग को संभालने की है.
सूत्रों के मुताबिक कई राज्यों में डिस्कॉम कंपनियों को पहले ही हाई अलर्ट पर रखा गया है. ट्रांसफॉर्मर फेल होने, लोकल ग्रिड ओवरलोड होने और ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए बैकअप प्लान तैयार किए जा रहे हैं.
ऊर्जा मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि जरूरत न होने पर बिजली उपकरण बंद रखें, एसी का तापमान संतुलित रखें और पीक आवर्स में अनावश्यक बिजली खपत से बचें. मंत्रालय का कहना है कि सामूहिक जिम्मेदारी से ही देश की बिजली व्यवस्था पर दबाव कम किया जा सकता है.
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