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कारगिल युद्ध के लिए छोड़ी एक्टिंग, नाना पाटेकर ने पाकिस्तान को दिया था मुंहतोड़ जवाब

Nana Patekar Kargil War

नाना पाटेकर ने पाकिस्तान को दिया था मुंहतोड़ जवाब

Nana Patekar Pakistan Response: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर ने आज अपने गोवा के डोना पौला स्थित घर पर अंतिम सांस ली. 75 साल की उम्र में उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आया. जिसमें निधन हो गया. निधन की खबर सुनते ही उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ पड़ी. नाना पाटेकर अपने जीवन में न सिर्फ फिल्मों के लिए काम किया है, बल्कि उन्होंने सेना में शामिल होकर कारगिल युद्ध के दौरान काम किया है, जिसमें उन्हें काफी सम्मान भी मिला है.

नाना पाटेकर का भारतीय सेना से भी गहरा जुड़ाव रहा है. उन्होंने अपनी जवानी के दिनों में कमांडो ट्रेनिंग ली थी. इसके बाद टेरिटोरियल आर्मी में अपनी सेवाएं दी और मराठा लाइट इन्फ्रैंट्री से जुड़े रहे. मराठा लाइट भारतीय सेना की सबसे पुरानी इन्फ्रैंट्री रेजिमेंटों में से एक है.

कारगिल युद्ध के दौरान आर्मी में हुए थे शामिल

साल 1990 की बात है, जब ‘प्रहार’ में आर्मी मेजर के रोल के लिए नाना पाटेकर ने तीन साल की ट्रेनिंग ली थी. इसके बाद नाना पाटेकर को इंडियन आर्मी में कैप्टन के रूप में कमीशन मिला. उस समय उन्होंने वीके सिंह के साथ मिलकर काम किया. वीके सिंह बाद में सेना प्रमुख बने थे. इसके बाद 1999 में फिर एक बार नाना पाटेकर ने अपने अभिनय करियर को विराम देकर आर्मी में सेवाएं दें. इस दौरान उन्होंने एक स्पोर्ट्स शूटर के रूप में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शामिल होते रहे हैं.

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नाना पाटेकर कारगिल में भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे युद्ध में एक बार फिर भर्ती हुए थे. इस दौरान उन्होंने केंद्रीय रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस से मिलकर सेना में शामिल होने की इच्छा जताई थी. जिसके बाद उन्हें ORT टीम में शामिल किया गया. इस दौरान उन्होंने कई दिनों तक आर्मी के साथ ही अपना जीवन बिताया. यानी, नाना पाटेकर का जीवन सिर्फ फिल्मों तक ही सीमित नहीं रहा है. उन्होंने कला के साथ ही देश की सेवा में भी अपना सहयोग दिया है.

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