Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में इस समय शरद पवार की चर्चा हर तरफ हो रही है. ऐसा कहा जा रहा है कि वे एनडीए में जा सकते हैं. हालांकि इस तरह की बातों को लेकर पहले ही उनकी पार्टी ये साफ कर चुकी है कि ऐसा कोई भी प्लान नहीं है. दूसरी तरफ महाराष्ट्र में सीएम देवेंद्र और शरद पवार की एक सीक्रेट मीटिंग हुई है. इसके बाद एक बार फिर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है.
NCP के दोनों गुटों के वरिष्ठ नेताओं ने मंगलवार देर रात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ एक गुप्त बैठक की है. ऐसा कहा जा रहा है कि इस बैठक में तमाम दिग्गज नेता शामिल हुए थे. हालांकि इस बैठक से मीडिया को दूर रखा गया. यही वजह है कि मुलाकात के बाद इसकी जानकारी सामने आई है.
इससे पहले भी इस तरह की अटकलें राजनीतिक गलियारों में चल चुकी हैं. यही वजह है कि अब तक इन पूरी तरीके से किसी भी दल की तरफ से विराम नहीं लगाया गया है.
इस यूटर्न ने और बढ़ाई सियासी सरगर्मी
शरद पवार को लेकर ऐसा कहा जा रहा है कि उन्होंने यह फैसला लिया है कि संसद में डिलिमिटेशन बिल का सपोर्ट उनकी पार्टी करेगी. हालांकि यह बात फिलहाल सूत्रों के हवाले से कही जा रही है. अगर यह सही साबित होता है तो विपक्ष के लिए एक और बड़ा झटका होगा.
मर्जर की अटकलों पर जयंत पाटिल की सफाई
शरद पवार के एनडीए में शामिल होने की अटकलों को जयंत पाटिल ने सिरे से खारिज कर दिया है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया है कि वे इन दोनों नेताओं से कभी नहीं मिले.न ही मर्जर पर किसी तरह की कोई चर्चा हुई है.हालांकि, जयंत पाटिल ने दावा किया कि ये मुलाकात सिर्फ सांगली के विकास कार्यों के सिलसिले में थी.
एनडीए में शामिल होने के लिए 10 विधायक तैयार?
बैठकें ऐसे समय हुई हैं, जब शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी (एसपी) जुलाई 2023 में अजित पवार की बगावत के बाद सबसे बड़े राजनीतिक फैसले के दौर से गुजर रही है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा यह भी है कि एनसीपी (एसपी) के 10 में से कम से कम आधे विधायक एनडीए में शामिल होने के पक्ष में हैं. इसके पीछे की वजह भी बताई गई है.
विधायकों का मानना है कि विपक्ष में रहने के कारण वह अपने विधानसभा क्षेत्र में ठीक से काम नहीं कर पा रहा है. सरकार से पैसा लाना और सरकारी कामों को मंजूरी दिलाने मं भी समस्या आ रही है. अगर ऐसे में वह एनडीए में शामिल हो जाते हैं तो इन सब चीजों में आसानी हो जाएगी.
मौजूदा समय में शरद पवार की महाराष्ट्र में सियासी पावर की बात की जाए तो उनके पास 10 विधायक और लोकसभा में 8 सांसद हैं.
ये भी पढ़ें:
