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नेपाल बाढ़ हादसे में अब तक 469 की मौत, 28 देशों के लोग लापता, 290 भारतीयों की तलाश जारी

Nepal Flash Flood: भारत के पड़ोसी देश नेपाल में  बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ ने तबाही मचा दी है. अब तक के आंकड़ों के अनुसार इस तबाही में 469 की मौत हो चुकी है, इनमें से ज्यादातर लोगों के शव बरामद हो चुके हैं. तो वहीं दूसरी तरफ 28 देशों के लोग लापता हैं, जिनकी तलाश में नेपाल की सेना लगी हुई है. इनमें 290 भारतीय भी शामिल हैं. नेपाली सरकार की मानें तो अब भी 1500 से ज्यादा लोग लापता हैं.

रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन में लगे सेना के अधिकारियों ने बताया कि मलबे में आज तीसरे दिन भी लगातार शव मिल रहे हैं. कई जगहों पर लोगों के शरीर के कुछ अंग जैसे हाथ-पैर बगैरा भी मिल रहे हैं. बाढ़ का पानी तिब्बत की तरफ से नेपाल में आया था.  अब जिस झील में पानी जमा है, उसके दोबारा टूटने पर फिर बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है. इसको लेकर अलर्ट जारी किया गया है.

कितने लोग अब भी लापता?

नेपाल पुलिस के एक बयान में कहा गया कि प्रभावित इलाकों से अब तक 50 विदेशियों समेत 796 लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए बचाया गया है. नेपाल के प्राधिकारियों ने 910 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है.

बचावकर्मी कीचड़ और मलबे से भरे नदी क्षेत्रों में उनकी तलाश कर रहे हैं और अपने परिजनों का पता लगाने के लिए बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों में पहुंच रहे हैं. फिलहाल नेपाल की मदद के लिए भारत आगे आया है, जबकि अमेरिका ने भी नेपाल को मदद का भरोसा द‍िया है.

भारतीय व‍िदेश मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि अब तक 84 भारतीय नागरिकों को बचाया गया है.इनमें निर्माणाधीन त्रिशूली-एक नदी प्रवाह आधारित जलविद्युत परियोजना में कार्यरत 63 श्रमिक और तमिलनाडु के 21 लोग शामिल हैं.

मदद के लिए आगे आए कई देश

नेपाल में आई इस तबाही के बाद दुन‍ियाभर के लोग मदद के लिए सामने आ रहे हैं. अमेरिका ने प्रभाव‍ित लोगों के लिए 5 लाख डॉलर देने का ऐलान किया है. इसके अलावा ब्रिटेन ने 50 लाख पाउंड और इमरजेंसी टीमें भेजने की बात कही है. श्रीलंका ने भी 10 लाख डॉलर की आर्थिक मदद देने की बात कही है. इस हादसे में 28 से ज्‍यादा देशों के लोग लापता हैं. भारत ने हादसे के तुरंत बाद से ही नेपाल को मदद भेजना शुरू कर द‍िया था. इसके साथ ही रेसक्‍यू टीम भेजने की भी बात कही है.

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