Paper Leak New Law: देशभर में पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शनकारी लगातार सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी कर रहे हैं. इन सब के बीच अब केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. सरकार ने एक तरफ कानून को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है. वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश भी जारी रखी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 में संशोधन के प्रस्ताव पर चर्चा की गई. बताया जा रहा है कि सरकार इस कानून को और प्रभावी बनाने की तैयारी में है, ताकि पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा सके.
क्या होगी पेपर लीक वालों को सजा?
प्रस्तावित बदलावों के तहत पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ कड़े दंड का प्रावधान किया जा सकता है. इसमें दोषियों को 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान शामिल है. इसके अलावा मामलों की तेज सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों को अधिकार देने की भी योजना है, ताकि जांच और फैसले की प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके.
सरकार की योजना है कि संशोधित विधेयक को आगामी मानसून सत्र में संसद के सामने पेश किया जाए, प्रधानमंत्री मोदी पहले ही कह चुके हैं कि पेपर लीक एक गंभीर मुद्दा है, क्योंकि इससे लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य पर असर पड़ता है. उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया था.
छात्र संगठनों के साथ सरकार की बातचीत
दूसरी ओर, पेपर लीक के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों और केंद्र सरकार के बीच बातचीत भी हुई. नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई बैठक में छात्रों की ओर से कई मुद्दे उठाए गए.
प्रदर्शनकारी छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय करने और आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने जैसी मांगें रखीं. छात्रों ने इससे पहले किसी सरकारी कार्यालय या मंत्री के आवास पर बैठक करने से इनकार करते हुए तटस्थ स्थान पर बातचीत की इच्छा जताई थी.
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