Pariksha Pe Charcha: बोर्ड परीक्षा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के तहत छात्रों से बात की है. इस दौरान कई प्रदेशों के छात्र बातचीत में शामिल हुए. पीएम मोदी का यह ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम का दूसरा एपिसोड है. पीएम मोदी से छात्रों ने कई सवाल पूछें, जिसका उन्होंने जवाब दिया. पीएम मोदी से बच्चों ने एआई के खतरों से जुड़े सवाल किए, तो पीएम मोदी ने ताया कि एआई के खतरे से हमें कैसे बचना है.
जब छात्र ने पीएम मोदी से सवाल करते हुए पूछा कि एआई का प्रभाव बढ़ता ही जा रहा है. कई कंपनियों ने इंसानों की जगह पर एआई कर्मचारी रखना शुरू कर दिए हैं. क्या इससे डरना चाहिए? पीएम मोदी ने इस पर जवाब देते हुए कहा, हर युग में टेक्नोलॉजी आती है तो उसकी तरह-तरह की चर्चा होती है. पहले भी कई बार ऐसा हुआ है. जब कम्प्यूटर आया तो भी लोगों ने इसकी चर्चा की. हमें किसी चीज से डरना नहीं है बल्कि हमें यह तय करना है कि हम उसके गुलाम नहीं बनेंगे. वो मेरा मालिक नहीं होगा, मैं ही निर्णायक रहूंगा. उदाहरण देते हुए कहा कि कई बच्चों का मोबाइल मालिक बन जाता है. अगर कोई एक बार मन बना ले कि मैं किसी का गुलाम नहीं बनूंगा, तो कुछ नहीं होगा. एआई से आप कुछ अच्छी चीजें मांगें.
परीक्षा के दौरान मन को कैसे रखें शांत?
‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी से छात्रों ने सवाल किया, एग्जाम के दौरान खुद को कैसे शांत रखें. पीएम मोदी ने छात्रों को बड़े आराम से उदाहरण के साथ समझाया. उन्होंने कहा, आप यह मानकर चलिए कि आपने जो पढ़ा है, सुना है, वो बेकार नहीं गया है. आप शांत मन से परीक्षा दीजिए. अगर आपको अच्छा विद्यार्थी बनना है तो ग्रिप होना जरूरी है.
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PM मोदी ने छात्रों से कहा, परीक्षा जीवन का अंत नहीं है, बल्कि यह सीखने की प्रक्रिया का एक हिस्सा है. अपनी तुलना आप किसी दूसरे से न करें, अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखें. उन्होंने यह भी कहा कि दवाब में रहकर पढ़ाई करने से परिणाम बेहतर नहीं आते. अच्छे परिणाम के लिए संतुलित दिनचर्या और सकारात्मक सोच ज्यादा जरूरी है. सही रणनीति, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ की गई तैयारी सफलता की कुंजी है.
