Parliament Special Session: देश की राजनीति के लिए आज का दिन यादगार रहने वाला होगा. आज से संसद का विशेष सत्र शुरू होने वाला है, जिसमें मोदी सरकार 3 अहम बिल पेश कर रही है. इसके लिए तीन दिनों का विशेष सत्र बुलाया गया है. मोदी सरकार के तीन विधेयक (केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026, संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक 2026) पेश किए जा रहे हैं. बिल संसोधन को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने है. अब देखना यह होगा कि आखिर विपक्ष मोदी सरकार के इस बिल को लेकर क्या कदम उठाती है.
मोदी सरकार का इस बिल को पास कराने का उद्देश्य 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून- नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पूरी तरह लागू करना है. सरकार आज 3 बिल पेश करने जा रही है, जिसका मकसद 2029 तक महिलाओं के लिए आरक्षण कानून को लागू करना और लोकसभा की सदस्य संख्या को बढ़ाकर 850 तक करना है. एक बिल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दो बिलों को केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पेश करेंगे.
कौन से विधेयक होंगे पेश?
मोदी सरकार आज गुरुवार को तीन विधेयक पेश करने जा रही है, जिसमें केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026, संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक 2026 शामिल है. केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026 के तहत दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण तय करना है. संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 का मकसद बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए संसद में सदस्यों की संख्या को बढ़ाना. वहीं परिसीमन विधेयक 2026 बिल पेश करने का मकसद लोकसभा और विधानसभा में सीटों की संख्या को बढ़ाना है.
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महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण का पेश होगा बिल
अगर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण वाली बिल पास होती है, तो उनके लिए आरक्षण लागू करने का रास्ता साफ हो जाएगा. 2029 में लोकसभा चुनाव हैं. ऐसे में इसका सीधा असर भी देखने को मिल सकता है. शायद इसीलिए विपक्ष के नेता राहुल गांधी सरकार के प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन के प्रस्ताव पर तीखा हमला कर रहे हैं. राहुल गांधी ने बिल को सत्ता कब्जाने की कोशिश बताया है. अब देखना यह होगा कि संसद में बिल पेश करते समय विपक्ष क्या करता है. हालांकि राहुल गांधी ने महिला आरक्षण को लेकर साफ कर दिया है कि वे इस मुद्दे का पूरी तरह से समर्थन करते हैं.
