PM Modi On Iran War: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली के लाल किले से देश के नाम संबोधन किया. इस दौरान उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि ऊर्जा संकट से निपटने के लिए हमने तैयारियां की थी और यह काम आया. उन्होंने कहा कि इस दौरान पेट्रोल, डीजल, फर्टिलाइजर सभी को हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया.
पीएम मोदी ने लाल किले में ध्वजारोहण किया. इस दौरान 21 तोपों की सलामी दी गई और हेलिकॉप्टर से फूल बरसाए गए. इस दौरान उन्होंने ऊर्जा संकट को लेकर बात की. पीएम मोदी ने कहा कि एनर्जी सिक्योरिटी अब समय की मांग है. क्योंकि दुनिया को बिना एनर्जी के नहीं चलाया जा सकता है. हमें भारी मात्रा में एनर्जी की जरूरत है. सरकार ने 2047 तक 100 GW न्यूक्लियर पावर का लक्ष्य रखा है.
एनर्जी सिक्योरिटी पर फोकस
पीएम मोदी ने कहा, “एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर हमें वैकल्पिक स्रोतों की ओर भी पूरी शक्ति लगाना बहुत जरूरी है, और इसलिए ऊर्जा का सही इस्तेमाल बढ़ाते हुए भारत इसी दिशा में आज तेजी से काम कर रहा है. 2014 से पहले मतलब आज से 12 साल पहले, हमारे देश में केवल 70 शहरों में पाइप से गैस की व्यवस्था थी. 12 साल में इन 70 शहरों को हमने 700 शहरों तक पहुंचा दिया है.”
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12 साल के कार्यकाल के दौरान आए कई संकट
उन्होंने कहा कि पिछले 12 सालों को कार्यकाल के दौरान कई संकटों का सामना करना पड़ा. कोरोना काल से लेकर यूक्रेन से पश्चिम एशिया तक. जब दुनियाभर में तनाव का माहौल रहा. उस दौरान देश ने देखा कि भारत ने जो तैयारियां की थी. संकट के समय वही काम आई. ईरान वॉर शुरू होने के बाद होर्मुज में तनाव बढ़ गया है. जिसका असर दुनियाभर में तेल की कीमतों में देखने को मिला है.
