Vistaar NEWS

नेपाल में जल प्रलय के बाद PM Modi ने बालेन शाह को दिया मदद का भरोसा, बॉर्डर से सटे यूपी-बिहार के जिलों में खतरा

Nepal Flood

नेपाल में बाढ़ से तबाही

PM Modi Spoke To Balen Shah: बुधवार सुबह नेपाल में ऐसी प्राकृतिक आपदा आई जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. Glacial Lake फटने की वजह से नेपाल और चीन के कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ आ गई और पानी का सैलाब अपने साथ सैकड़ों जिंदगियों को बहा ले गया. घटना इनते कम समय में हुई कि लोगों सोचने समझने और भगाने के समय तक मिला. जो जहां खड़ा था वहीं काल के गाल में समा गया. इस तबाही में खबर लिखे जाने तक करीब 1000 लोगों के बह जाने की आशंका हैं. हालांकि अभी आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई हैं.

भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ

वहीं नेपाल के इस संकट वाले समय में भारत और चीन दोनों ही पड़ोसी देशों ने मदद का हाथ बढ़ाया है. नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही हुई है. इससे निपटने के लिए नेपाल ने भारत और चीन दोनों ही मुल्कों से आधिकारिक तौर पर सहायता की गुहार लगाई. भारत ने मदद का हाथ बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (बालेन शाह) से फोन पर बात कर संवेदना जताई और हरसंभव मदद का भरोसा दिया.

जानकारी है कि भारत सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 30 टन राहत सामग्री जिसमे कंबल, तंबू और आवश्यक वस्तुएं नेपाल भेजने की तैयारी की है. हालांकि हैरान कर देने वाली खबर ये है कि नेपाल में आई इस तबाही में 105 भारतीय भी लापता हैं.

बचाव के लिए 14 हेलीकॉप्टर तैनात

नेपाल सरकार ने राहत और बचाव कार्य के लिए 14 हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं. हालांकि, टिमुरे में स्थानीय हेलीपैड के बह जाने के कारण राहत टीमों को उतरने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है. आपातकालीन सहायता के लिए नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने हेल्पलाइन नंबर (1234, 1144, और 9851289445) जारी किए हैं.

क्या कहते है पर्यटन बोर्ड के आंकड़े

नेपाल पर्यटन बोर्ड द्वारा तैयार की गई शुरुआती सूची के मुताबिक, अचानक आई बाढ़ के बाद 384 यात्री लापता बताए गए हैं, जिनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं. विदेशी नागरिकों में से 105 भारत से हैं. सूची में ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, अमेरिका, मलेशिया, यूके और दक्षिण अफ्रीका के यात्री भी शामिल हैं.

भारत-नेपाल सीमा अलर्ट

बुधवार सुबह नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद, सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने भारत-नेपाल सीमा पर तैनात अपनी यूनिट्स को अलर्ट जारी किया है. तुरंत बचाव और राहत कार्यों के लिए 11 बचाव और राहत टीमों (RRTs) को अलर्ट किया गया है, जबकि 7 अतिरिक्त टीमें स्टैंडबाय पर रखी गई हैं. SSB की टीमें बचाव, राहत और आपातकालीन स्थिति से निपटने के कामों में राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की मदद करने के लिए तैयार हैं.

भारत की तरफ बढ़ रहा खतरा

नेपाल में तबाही मचाने के बाद अब ये खतरा भारत की तरफ भी बढ़ रहा है. भारत के सीमावर्ती राज्यों बिहार और उत्तर प्रदेश के कई जिलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. बिहार के जल संसाधन विभाग ने गंडक बैराज के सभी फाटकों को खोलने और नहरों में पानी प्रवाहित करने का निर्देश दिया है.

यूपी के इन जिलो में अलर्ट

यूपी के महराजगंज, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर और कुशीनगर में रोहिन, गंडक और अन्य सहायक नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है. यूपी प्रशासन ने नेपाल सीमा से सटे सभी निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है और ग्रामीणों को नदियों के पास न जाने की सलाह दी है.

बिहार के इन जिलों में अलर्ट

पश्चिमी चंपारण (बगहा और वाल्मीकिनगर)
पूर्वी चंपारण
गोपालगंज
सारण
मुजफ्फरपुर
वैशाली
सीतामढ़ी
शिवहर

यह भी पढ़ें- नेपाल में आई तबाही के पीछे की क्‍या है वजह? 10 साल पहले कश्‍मीर में भी मचा था ऐसा ही हाहाकार

Exit mobile version