देश के प्रसिद्ध महंत वृंदावन स्थित प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम में उनके शिष्य रसिक दुलारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. इस मामले में अब नए-नए खुलासे हो रहे हैं. पुलिस सभी पहलुओं और आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहनता से जांच कर रही है. मृतक दीपक कुमार (रसिक दुलारी) की पोस्टमार्टम रिपोर्ट कहती है कि मौत ज्यादा खून बहने के कारण हुई है.
मौत की वजह
पीएम रिपोर्ट में मौत की वजह ‘अत्यधिक खून बहने से लगा शॉक’ बताई जा रही है. सीओ संजीव कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया है कि जिस कमरे में रसिक दुलारी शरण रहते थे, वहां से जांच के दौरान इलेक्ट्रिक ग्राइंडर बरामद हुआ है. इतना ही नहीं, जांच में उनके प्राइवेट पार्ट के कटने के तथ्य भी सामने आए हैं.
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल
अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या रसिक दुलारी ने छत से कूदने से पहले खुद को किसी भी तरह से क्षति पहुंचाने की कोशिश की थी या इसके पीछे कोई और कारण हैं. यह पूरी स्थिति फॉरेंसिक जांच और साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही साफ हो पाएगी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, सिर पर 14 टांके का घाव, निचले होंठ और ठुड्डी पर गहरे कट और टखने की हड्डी भी टूटी पाई गई है.
अंदरूनी जांच हुए बड़े खुलासे
वहीं शरीर का निजी अंग शरीर से अलग पाया गया है. अंदरूनी जांच की बात करें तो खोपड़ी के पीछे हेयरलाइन फ्रैक्चर और खून का थक्का मिला है. छाती की बाईं तरफ की पांचवीं से आठवीं तक की पसलियां टूटी पाई गई हैं और बायां फेफड़ा फटा हुआ था. फिलहाल दीपक का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव परसवाड़ा में कर दिया गया.
मामले की निष्पक्ष जांच की मांग
रसिक दुलारी की संदिग्ध मौत पर उनके परिवार के लोग और उनके नाना पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए. परिजनों का आरोप है कि दीपक के साथ किसी तरह की अनहोनी हुई है, लेकिन आश्रम प्रबंधन की तरफ से किसी प्रकार का ठोस जवाब नहीं मिल पाया है.
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