UP Politics: उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस पार्टी भले ही कोई खास कमाल नहीं कर पाई है लेकिन अब वह पूरी तैयारियों के साथ मैदान में जुट गई है. अगले साल 2027 में यूपी में एक बार फिर विधानसभा चुनाव होने हैं. इसके लिए सभी दलों ने कमर कसना शुरू कर दिया है. कांग्रेस पार्टी भी पूरी तरह से एक्टिव दिखाई दे रही है. कांग्रेस की कमान इस बार राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी संभाल सकती हैं. यानी प्रियंका गांधी यूपी विधानसभा चुनाव में सक्रिय भूमिका में नजर आ सकती है.
लोकसभा में मिलीं 6 सीटें
- लोकसभा चुनाव की अगर बात करें तो इसमें भी कांग्रेस पार्टी ने कोई खास कमाल नहीं दिखाया लेकिन समाजवादी पार्टी से गठबंधन होने की वजह से 6 सीट अपने नाम कर ली थी. 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी का प्रभार संभाला था. हालांकि इस चुनाव में उनके भाई और तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी खुद अमेठी से चुनाव हार गए थे.
- हालांकि राहुल गांधी दो सीटों से चुनाव लड़े थे, जिसमें उन्हें वायनाड से जीत मिली थी. 2019 के बाद प्रियंका को 2022 विधानसभा चुनाव की भी कमान दी गई, लेकिन पार्टी की हालत नहीं सुधरी. इस चुनाव में कांग्रेस सिर्फ 2 सीट पर आ गई.
प्रियंका गांधी का पार्टी में बढ़ा कद
- जब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का खराब प्रदर्शन रहा तो प्रियंका ने कुछ दिनों के लिए यूपी की राजनीति से दूरी बना ली, लेकिन एक बार फिर वो राजनीति में सक्रिय नजर आने वाली हैं. पिछले कई सालों में प्रियंका गांधी का कद पार्टी में काफी बढ़ा है.
- चाहे संसद में MGNREGA पर बहस हो या वंदे मातरम पर… इन मुद्दो पर बहस के जरिए प्रियंका गांधी ने लोगों का ध्यान खींचा. यहां तक कि अब पार्टी के कई नेता प्रियंका गांधी को पीएम उम्मीदवार बनाने की बात तक करने लगे हैं.
कितने दिनों तक चलेगा जनसंपर्क?
- यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले प्रियंका गांधी के जन्मदिन पर 100 दिनों के जनसंपर्क अभियान की घोषणा की गई है. वहीं पार्टी के ही अन्य पिछड़ा वर्ग ने सामाजिक न्याय के मुद्दों को उजागर करने के लिए एक साल तक चलने वाली ‘परिवर्तन प्रतिज्ञा’ अभियान की शुरुआत करने जा रही है.
- यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी 20 जिला और शहरी पार्टी इकाइयों को सूचित किया है कि पार्टी के सभी नेता अपने-अपने क्षेत्रों में 100 दिवसीय राजनीतिक कार्य योजना जारी करेंगे. इसमें जनसभाएं आयोजित करना और सत्ता पक्ष पर निशाना बनाते हुए रैलियां निकालना शामिल है. तो वही पिछड़ा वर्ग के अभियान का समापन 2027 में रैली के साथ किया जाएगा.
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‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ का दिया था नारा
- बता दें, प्रियंका गांधी ने यूपी सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ पर जमकर निशाना साधते हुए 2021 में एक नारा दिया था… ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’. प्रियंका गांधी का यह नारा काफी सुर्खियों में रहा. प्रियंका ने इस अभियान की शुरुआत लखीमपुर खीरी हिंसा के विरोध में भाजपा विरोधी प्रदर्शनों का नेतृत्व करते हुए किया.
- लेकिन, 2022 विधानसभा चुनाव के बाद वह ‘गायब’ हो गईं. फिलहाल, अब वो यूपी में एक बार फिर सक्रियता बढ़ा रही हैं.
