Punjab Voter List: पंजाब में चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बीच राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम भी काट दिया गया है. वोटर लिस्ट में उनके नाम के सामने ‘Permanently Shifted’ यानी ‘स्थायी रूप से स्थानांतरित’ दर्ज किया गया है. चड्ढा का नाम अब उन मतदाताओं की सूची में शामिल है, जिन्हें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट (ASDD) श्रेणी के तहत चिन्हित किया गया है.
चुनाव आयोग ने 13 अगस्त 2026 को पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की थी. इसी सूची की जांच के दौरान राघव चड्ढा का नाम हटाए जाने की जानकारी सामने आई. हालांकि, यह अभी अंतिम मतदाता सूची नहीं है. SIR प्रक्रिया के तहत जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं, उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करने और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया जा रहा है.
राघव चड्ढा 12 सितंबर 2026 तक अपने नाम को हटाए जाने के खिलाफ दावा या आपत्ति दाखिल कर सकते हैं. इसके साथ ही वह दोबारा मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए जरूरी आवेदन भी कर सकते हैं. यानी मौजूदा स्थिति को अंतिम फैसला नहीं माना जा रहा है. आसान भाषा में कहा जाए तो अभी कुछ नहीं बिगड़ा है.
AAP से बने थे राघव सांसद
राघव चड्ढा साल 2022 में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर पंजाब से राज्यसभा पहुंचे थे. इसके बाद अप्रैल 2026 में उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया था. ऐसे में उनकी वोटर लिस्ट से नाम हटने की खबर राजनीतिक लिहाज से भी चर्चा में है. अब देखना होगा कि राघव अपना नाम वापस वहां ऐड कराते हैं या फिर किसी और जगह अपना नाम ऐड कराते हैं.
चुनाव आयोग की तरफ से चलाया जा रहा SIR अभियान
पंजाब में SIR के तहत बड़े पैमाने पर मतदाता सूची का सत्यापन किया जा रहा है. अब तक करीब 20.66 लाख नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं. यह संख्या पुनरीक्षण शुरू होने से पहले राज्य में दर्ज कुल मतदाताओं की संख्या का लगभग 9.7 फीसदी है.
चुनाव आयोग के इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और ऐसे नामों की पहचान करना है, जो स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं, मृत हैं, अनुपस्थित हैं या एक से अधिक जगह दर्ज हैं. अब अंतिम सूची जारी होने से पहले दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के जरिए इन नामों की दोबारा जांच की जाएगी.
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