Raghav Chaddha: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगभग 40 दिनों तक प्रदर्शन चला, यह प्रदर्शन नीट पेपर में हुई गड़बड़ी और सरकार से इस पर जवाबदेही तय करने के लिए किया गया. इसके बाद ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. इस मामले पर सबका एक ही सवाल था कि आखिर राघव चड्ढा चुप क्यों हैं? जो एक समय पर हर छोटी बड़ी समस्या पर बात किया करते थे वो कहां हैं? तो लंबे समय बाद खुद राघव चड्डा सामने आए और अपने चुप रहने की वजह बताई.
नीट पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में राघव चड्ढा ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है. संसद में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और सख्त कार्रवाई जरूरी है. ये किसी एक राज्य की नहीं बल्कि पूरे देश का मामला है.
राघव ने कहा कि वह अब तक इस मामले पर चुप इस वजह से थे कि वह सवाल के साथ समाधान चाहते थे. पहले विपक्ष में थे तो तब भी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया, अब जब पक्ष में है तो हमारा मानना है कि समस्या का परमानेंट समाधान जरूरी है, जो कि सरकार ने कर दिया है.
राघव ने AAP सरकार को घेरा
राज्यसभा में राघव चड्ढा ने कुछ बातें छात्रों के पक्ष में की तो वहीं ज्यादातर समय उन्होंने विपक्ष को कोसने में लगाया. उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार आने के बाद पंजाब में भी कई परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं. इसके अलावा कई तरह की गड़बड़ियां सामने आईं. उस समय मंत्री के पीए पर 10 लाख में पेपर लीक कराने का आरोप लगा था.
उन्होंने कहा कि आज हर कोई सवाल उठा देता है. हालांकि सवाल उठाना सबसे आसान काम है. लेकिन, सिस्टम को ठीक करना सरकार की ही जिम्मेदारी है. मैं आज इस मामले पर इसलिए ही बात कर रहा हूं क्योंकि हमारे पास आज समाधान है. पेपर लीक एक संगठित अपराध है. इस पर अब सख्त कार्रवाई होगी.
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