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‘1 नवंबर की महारैली स्थगित हो…’, INDIA गठबंधन के आयोजन से कारोबारी नाराज, राहुल गांधी को लिखा खत  

Delhi Protest INDIA Block March

INDIA ब्लॉक के विरोध मार्च के दौरान की तस्‍वीर

CTI letter to rahul Gandhi: देश की राजधानी दिल्‍ली में इस समय कारोबारी खासे परेशान नजर आ रहे हैं. यही वजह है कि वे मदद की गुहार पक्ष और विपक्ष दोनों से ही लगा रहे हैं. इंडिया गठबंधन ने 1 नवंबर को दिल्‍ली के रामलीला मैदान में महारैली का ऐलान पिछले दिनों किया था. अब इसी रैली की तारीख बदलने की अपील वहां के व्यापारियों ने की है. दिवाली से पहले बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ और कारोबार को देखते हुए व्यापारियों ने राहुल गांधी को पत्र लिखा है.

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) का कहना है कि रैली के कारण दिल्ली के प्रमुख बाजारों में आवाजाही प्रभावित हो सकती है. इससे त्योहार के समय व्यापारियों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है. उन्‍होंने कहा कि वह पहले ही पिछले दो महीने से हो रहे प्रदर्शनों के कारण खासे परेशान हैं.

CTI के चेयरमैन ने क्‍या कहा?

CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने 24 अक्टूबर को राहुल गांधी को पत्र लिखा है. इस पत्र में 1 नवंबर को प्रस्तावित रैली को 10 नवंबर यानी भाई दूज के बाद आयोजित करने का अनुरोध किया है. संगठन के मुताबिक, दिवाली के आसपास दिल्ली के बाजारों में देशभर से व्यापारी और ग्राहक खरीदारी के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में इस समय बड़े राजनीतिक कार्यक्रम से कारोबार पर असर पड़ने की आशंका है.

10 हजार करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित

CTI का अनुमान है कि रैली के चलते दिल्ली में करीब 10 हजार करोड़ रुपये तक का कारोबार प्रभावित हो सकता है. संगठन के अनुसार, धनतेरस, दिवाली और भाई दूज का समय व्यापारियों के लिए साल के सबसे अहम मौकों में से एक है. इस साल धनतेरस 6 नवंबर, दिवाली 8 नवंबर और भाई दूज 10 नवंबर को मनाई जाएगी.

CTI ने क्‍यों की तारीख बदलने की मांग?

रामलीला मैदान के आसपास करीब पांच किलोमीटर के दायरे में दिल्ली के कई बड़े थोक और खुदरा बाजार हैं. इनमें चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, भागीरथ पैलेस, चावड़ी बाजार, कश्मीरी गेट और करोल बाग जैसे प्रमुख कारोबारी इलाके शामिल हैं.

CTI को आशंका है कि रैली के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन, बैरिकेडिंग और मेट्रो से जुड़ी पाबंदियों के कारण इन बाजारों तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है. इससे ग्राहकों की आवाजाही घटने के साथ सामान की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है. दिल्ली के बाहर से आने वाले व्यापारियों और खरीदारों को भी परेशानी होने की आशंका जताई गई है.

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