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विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पर पत्रकारों ने पूछा सवाल, भड़क गए राहुल गांधी, बोले – आज का कोड वर्ड यही है?

Rahul Gandhi (File Photo)

राहुल गांधी(File Photo)

Rahul Gandhi: संसद के मौजूदा सत्र में सियासी गर्माहट चरम पर पहुंच गई है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के हालिया बयानों को लेकर लोकसभा में सत्ता पक्ष ने कड़ा रुख अपनाया है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की पहल की है. साथ ही, उन्होंने सदन में उनके आचरण को गंभीर बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

पत्रकारों पर भड़के राहुल गांधी

अब इस मसले पर जब गुरुवार को पत्रकारों ने राहुल गांधी से उनके ख़िलाफ़ संभावित प्रस्ताव पर सवाल पूछा तो नेता प्रतिपक्ष उलटा भड़क उठे. राहुल ने मीडिया से कहा, “क्या आपको आज यही कोड वर्ड दिया गया है? कल आपका कोड वर्ड ‘ऑथेंटिकेट’ था

विवाद कहां से शुरू हुआ?

इस विवाद की शुरुआत उस बयान से हुई जिसमें राहुल गांधी ने कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय कारोबारी और राजनीतिक संदर्भों को जोड़ते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने अमेरिकी कारोबारी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, उद्योगपति अनिल अंबानी और गौतम अडानी का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इन मामलों के जरिए भारत पर दबाव बनाकर अमेरिका अपनी शर्तों पर व्यापार समझौते कराने की कोशिश कर रहा है. भाजपा ने इन आरोपों को “बेबुनियाद और भ्रामक” बताया है.

भाजपा का क्या आरोप है?

भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी ने बिना प्रमाण गंभीर आरोप लगाकर सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाई है. पार्टी का कहना है कि यह मामला विशेषाधिकार का है और नियमों के तहत इसकी जांच होनी चाहिए.

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कांग्रेस पलटवार करते हुए क्या कहा?

वहीं कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा है कि विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना है और असहमति को विशेषाधिकार हनन बताना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है. लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष प्रस्ताव स्वीकार किए जाने या न किए जाने का निर्णय नियमों के अनुसार होगा.

यदि प्रस्ताव स्वीकार होता है तो इसे विशेषाधिकार समिति को भेजा जा सकता है, जो तथ्यों की जांच कर अपनी सिफारिश देगी. संसद सत्र के शेष दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होने के आसार हैं.

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