रिटायरमेंट से एक दिन पहले ही नौकरी से हाथ धो बैठा टीचर, भाई की शिकायत पर 35 साल बाद पकड़ी गई गलती

Banswara Teacher Loses Job Before Retirement: शिक्षक ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पा ली. हैरानी की बात तो यह है कि उसने 35 सालों तक नौकरी भी कर ली, लेकिन रिटायरमेंट के एक दिन पहले ही शिक्षा विभाग ने उसे बर्खास्त कर दिया.
Banswara Teacher Loses Job Before Retirement

बांसवाड़ा में रिटायरमेंट से एक दिन पहले शिक्षक की गई नौकरी

35 Year Old Mistake Found: राजस्थान का एक सरकारी शिक्षक, जिसे आज 35 सालों बाद अपनी नौकरी से रिटायर होना था. रिटायरमेंट को लेकर काफी खुश था और उसके घर-परिवार के लोग भी इंतजार कर रहे थे, लेकिन शिक्षक को खुशी के बदले ऐसा झटका लगा, जिसे वह कभी भूल नहीं सकता. रिटायरमेंट के एक दिन पहले ही उसे अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा. जानें क्या है पूरा मामला?

यह मामला राजस्थान के बांसवाड़ा जिले का है. जहां एक शिक्षक ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पा ली. हैरानी की बात तो यह है कि उसने 35 सालों तक नौकरी भी कर ली, लेकिन रिटायरमेंट के एक दिन पहले ही शिक्षा विभाग ने उसे बर्खास्त कर दिया. शिक्षा विभाग ने यह एक्शन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लिया है.

कैसे हुआ खुलासा?

शिक्षक लक्ष्मीनारायण ने साल 1992 में जब शिक्षक की नौकरी पाई, तो उन्होंने फर्जी दस्तावेज दिए थे. 30 सालों तक शिक्षक ने नौकरी की, किसी को भी भनक नहीं लगी. इस दौरान साल 2022 में शिक्षक के भाई ने शिकायत दर्ज कराई कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर नौकरी पाई है. भाई की शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी. जांच में सामने आया कि शिक्षक लक्ष्मीनारायण ने नौकरी के दौरान फर्जी दस्तावेज जमा किया था, जिसके बाद विभाग ने एक्शन लेते हुए नौकरी से हटा दिया. इसके साथ ही पूरी सेवा अवधि में प्राप्त वेतन व अन्य देय राशि की वसूली के आदेश दिए हैं.

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जांच में क्या मिला?

जांच में पाया गया कि 1992 में सामान्य श्रेणी अध्यापक पद के लिए जो शैक्षणिक कागजात दिए थे. उनमें सैकण्डरी और सीनियर सैकण्डरी की अंकतालिकाओं में अंक बढ़ाकर उन्हें प्रथम श्रेणी दिखाया, जबकि बिना एसटीसी किए फर्जी अंकतालिका जमा कर दी, जिसका विभागीय रिकॉर्ड में कोई अस्तित्व नहीं मिला. विभाग ने इन गलतियों को पाया, तो टीचर को राजकीय सेवा से हटाने का निर्णय लिया.

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