Devendra Nath Mahto: झारखंड की राजधानी रांची में चल रहा छात्रों का प्रदर्शन समाप्त हो गया है. सरकार ने प्रदर्शनकारियों की लगभग सभी मांगों को मान लिया है. जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों में सुधार को लेकर देवेंद्र नाथ महतो अनशन पर बैठे हुए थे. उन्होंने जूस पीकर अपना अनशन समाप्त किया. इसके साथ ही मंगलवार को उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह पहला चैप्टर था. बहुत जल्द रांची आंदोलन का चैप्टर-2 आएगा.
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि अभी पहला चरण सफल हुआ है. लेकिन, हमारा संघर्ष जारी रहेगा. जब तक कि सिस्टम में पूरी तरह से बदलाव और पारदर्शिता नहीं आती है.
महतो ने बताया कि दूसरा पार्ट शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक न होने की गारंटी जैसी मांगों को लेकर होगा. महतो के इस ऐलान के बाद माना जा रहा है कि मामला अभी शांत नहीं हुआ है. आने वाले दिनों में एक और आंदोलन देखने को मिल सकता है.
प्रेस-कांफ्रेंस में महतो ने क्या-क्या कहा?
देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि अभी असली मगरमच्छों को पकड़ना जरूरी है.
अभी तो यह केवल एक शुरुआत है, जो असली मगरमच्छ हैं वो अभी भी बचे हुए हैं. उन्होंने सीएम हेमंत सोरेन को भी धन्यवाद दिया.
उन्होंने सवाल उठाया कि 14 परीक्षाएं रद्द तो हो गईं, लेकिन ये कब होंगी और इसकी क्या गारंटी है कि दोबारा पेपर लीक नहीं होगा. उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के बदलने से व्यवस्था नहीं बदलती है. वो चाहते हैं कि एक ऐसी मॉनिटरिंग समिति बने जो हर कदम पर पूरी प्रक्रिया की निगरानी रखे.
पिछले 10 साल में हुई नियुक्तियों की होगी जांच
सरकार ने TDPL की ओर से ली गई सभी परीक्षाओं को रद्द करने के साथ वर्ष 2014 से अब तक हुई नियुक्ति परीक्षाओं की जांच कराने का भी फैसला किया है. वहीं JSSC-CGL परीक्षा के माध्यम से 1932 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल चुकी थी. नियुक्तियां रद्द होने के बाद इन युवाओं के सामने नौकरी बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है. प्रदर्शनकारियों ने करीब एक महीने तक रांची में प्रदर्शन किया.
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