Randhir Jaiswal Reply to Asif Ali Zardari: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भारत में मुस्लिम धार्मिक स्थलों और अल्पसंख्यकों के मुद्दे को लेकर दिए गए बयान पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है. भारत सरकार ने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, खासकर तब जब उसका खुद का मानवाधिकार रिकॉर्ड लगातार सवालों के घेरे में रहा है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाकिस्तान द्वारा भारत के धार्मिक और सामाजिक मामलों पर टिप्पणी करना पूरी तरह अनुचित है.
उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है. धार्मिक स्वतंत्रता की पूरी गारंटी प्रदान करता है. ऐसे में पाकिस्तान के आरोप तथ्यों से परे और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित दिखाई देते हैं.
भारत ने किया पाकिस्तान पर पलटवार
भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को दूसरे देशों पर उंगली उठाने से पहले अपने यहां अल्पसंख्यकों की स्थिति, जबरन धर्मांतरण, धार्मिक उत्पीड़न और मानवाधिकारों से जुड़े मामलों पर ध्यान देना चाहिए. अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी कई बार पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर चिंता जताई जा चुकी है.
विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि भारत अपने आंतरिक मामलों में किसी भी तरह की बाहरी टिप्पणी या दखल को स्वीकार नहीं करता है. सरकार का कहना है कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाएं और संवैधानिक व्यवस्था सभी समुदायों के अधिकारों की रक्षा करने में सक्षम हैं.
दोनों देशों के बीच चल रहा तनाव
भारत की इस प्रतिक्रिया को पाकिस्तान के बयान का सीधा और कड़ा जवाब माना जा रहा है. दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनावपूर्ण संबंधों के बीच यह नया बयानबाजी विवाद एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है. भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने आंतरिक मामलों पर किसी भी तरह की बेबुनियाद टिप्पणी का तथ्यों के साथ जवाब देता रहेगा और ऐसे आरोपों को सिरे से खारिज करता है.
