Sadhvi Prachi: आगरा में आयोजित राजेश्वर महादेव मेले के उद्घाटन समारोह के दौरान हिंदूवादी नेत्री साध्वी प्राची ने एक ऐसा बयान दिया. जिसने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है. कार्यक्रम में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का जिक्र किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाली युवतियों पर तीखी टिप्पणी की.
साध्वी प्राची ने कहा कि जिन युवतियों ने प्रधानमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया, उनके फोटो लोगों को अपने मोबाइल फोन में सुरक्षित रख लेने चाहिए. ताकि भविष्य में पहचान की जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे किसी परिवार की बहू न बनें.
उनके इस बयान ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. बाद में यह सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बन गया.
अपने संबोधन में क्या बोलीं साध्वी?
अपने संबोधन में उन्होंने बेटियों के संस्कारों पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि परिवारों को चाहिए कि वे अपनी बेटियों को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों की शिक्षा दें तथा उन्हें रानी लक्ष्मीबाई जैसी वीर और संस्कारी महिलाओं से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित करें. उनका कहना था कि जब संस्कारों की कमी होती है, तब सार्वजनिक जीवन में मर्यादा और भाषा का स्तर भी प्रभावित होता है.
यह कार्यक्रम राजेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट की ओर से आयोजित राजेश्वर मेला-2026 के तहत हुआ, जहां भगवान राजेश्वर महादेव की डोला यात्रा का शुभारंभ बैंड-बाजों और धार्मिक जयघोष के बीच किया गया. साध्वी प्राची ने मुख्य अतिथि के रूप में हरी झंडी दिखाकर यात्रा की शुरुआत कराई. इसी मंच से उन्होंने अपनी विवादित टिप्पणी भी दी, जिसके बाद उनके बयान को लेकर विभिन्न स्तरों पर प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं.
विवादों से पुराना रहा नाता
साध्वी प्राची पहले भी अपने बयानों को लेकर चर्चा में रही हैं. इस बार भी उनका यह बयान सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बन गया है. फिलहाल, उनके बयान पर राजनीतिक दलों और अन्य संगठनों की ओर से प्रतिक्रियाओं का इंतजार है. जबकि सोशल मीडिया पर इसे लेकर पक्ष और विपक्ष दोनों तरह की टिप्पणियां देखने को मिल रही हैं.
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