‘ये सिर्फ ट्रेलर है, अभी पूरी फिल्म बाकी है…’, स्थापना दिवस के मौके पर उद्धव ठाकरे को शिंदे की खुली चेतावनी
उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे
SHIV SENA Foundation day: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर जुबानी जंग का दौर शुरू हो चुका है. शिवसेना के स्थापना दिवस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे और उनके गुट पर तीखा हमला बोला है. इसके साथ ही उन्होंने साफ संकेत दिया कि उद्धव गुट में टूट का सिलसिला अभी थमा नहीं है और आने वाले दिनों में और बड़े राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं. मतलब अगर शिंदे की बात सच होती है तो बची-खुची शिवसेना में भी टूट देखने को मिल सकती है.
शिंदे ने बिना नाम लिए उद्धव ठाकरे के नेतृत्व पर सवाल उठाए और कहा कि अगर नेता अपने ही लोगों को साथ नहीं रख पा रहा है तो उसे आत्ममंथन करना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि महायुति सरकार मजबूत है और विपक्ष के कई नेता उसके संपर्क में हैं. हाल के दिनों में उद्धव गुट के कुछ सांसदों के शिंदे खेमे में जाने की चर्चाओं के बीच उनके इस बयान को बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है.
उधर, उद्धव ठाकरे गुट ने इन दावों को राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बताया है. पार्टी नेतृत्व लगातार अपने सांसदों और विधायकों के साथ बैठकें कर संगठन को एकजुट रखने में जुटा हुआ है.
एकनाथ शिंदे ने किसे शेर कहा और किसे कुत्ता?
शिंदे ने कहा, “यह तो बस ट्रेलर है. असली फिल्म तो अभी आनी बाकी है। आज आपके सामने एक शेर खड़ा है. कुछ कुत्ते भौंकते रहते हैं. कल और परसों भी वे भौंकते रहेंगे. मैं आपको एक बात बताता हूं कुत्ते झुंड में भौंकते हैं, लेकिन शेर अकेला आता है. जब शेर शिकार करता है तो कुत्ते भौंकते रहते हैं। जब शेर दहाड़ता है तो कुत्ते भौंकते रहते हैं। यही शिवसेना है. यही शिवसेना है और आज यह शिवसेना महाराष्ट्र में मजबूती से खड़ी दिखाई दे रही है.”
मै अध्यक्ष पद छोड़ने के लिए तैयार- उद्धव
शिवसेना यूबीटी चीफ ने कहा कि शिवसेना किसी में विलय होने के लिए नहीं बनी है. शिवसेना मराठी मानुष के अधिकारों और संघर्ष के लिए बनाई गई है. उन्होंने कहा, “मैं यह नहीं कहूंगा कि कांग्रेस ने हमें कभी परेशान नहीं किया. हमारा आधा राजनीतिक जीवन कांग्रेस के विरोध में बीता है, क्योंकि उस समय हम बीजेपी के साथ थे और बालासाहेब ठाकरे उनके समर्थन में खड़े रहते थे.
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने हमारे लोगों को तोड़ा, लेकिन उन्हें कभी मुख्यमंत्री नहीं बनाया. कांग्रेस ने हमें परेशान किया लेकिन इतना नहीं किया. मातोश्री की ओर लालच भरी नजरों से नहीं देखा. कांग्रेस ने कम से कम अपने शब्द का सम्मान किया. मुझपर जो आरोप लगे हैं, अगर आपको सही लगता है तो कहो. मैं शिवसेना पक्ष प्रमुख पद छोड़ने के लिए तैयार हूं.
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