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अनशन के 21वें दिन दिल्‍ली पुलिस सोनम वांगचुक को ले गई अस्पताल, खाली कराया जा रहा जंतर-मंतर

Sonam Wangchuk

Sonam Wangchuk hunger strike: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक आमरण अनशन पर बैठे हुए थे. लगातार अनशन पर होने के कारण उनकी हालत तेजी से बिगड़ रही थी. डॉक्टरों की मानें तो करीब 10 किलो तक उनका वजन गिर गया था. इन सब के बीच शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर से दिल्ली पुलिस उन्हें उठाकर अस्पताल ले गई. जहां उन्हें भर्ती कराया गया है. पुलिस की कार्रवाई के बाद उनके समर्थकों ने इसे शांतिपूर्ण आंदोलन को रोकने की कोशिश बताया है.

पुल‍िस की इस कार्रवाई से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) फाउंडर अभिजीत दीपके ने कई गंभीर आरोप लगाए थे. उन्‍होंने दावा किया कि जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर हमला करने की कोशिश की है. उन्‍होंने बताया कि उन पर पत्‍थर फेंककर हमला करने की कोशि‍श की गई. सोनम बीते 20 दिनों से यहां पर अनशन पर बैठे थे. दिल्ली पुलिस सोनम वाांगचुक को RML हॉस्पिटल लेकर गई है.

जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाए जाने के बाद, वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों को हटाया जा रहा है.

वांगचुक ने जारी किया था एक वीड‍ियो

सोनम के अनशन पर होने के कारण उनकी हालत लगातार ब‍िगड़ती जा रही थी. उन्‍होंने खुद भी यह कहा था कि वे हर हाल में 20 जुलाई तक जिंदा रहना चाहते हैं. इन सब के बीच वांगचुक ने देशवासियों से 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की थी.

उन्होंने दावा किया कि NEET विवाद के बाद कई छात्रों ने आत्महत्या की है और इस मुद्दे पर सरकार को जवाब देना चाहिए. वांगचुक की प्रमुख मांग श‍िक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्‍तीफा था.

वांगचुक ने अपने वीड‍ियो मैसेज में कहा था कि हां, मैं अभी जीवित हूं. मेरे शरीर का 20 प्रतिशत हिस्सा क्षीण हो गया है. पहले शरीर की चर्बी खत्म होती है, उसके बाद मांसपेशियां और फिर अंग प्रभावित होते हैं. अंत में मस्तिष्क. अभी वह समय नहीं आया है.

दिल्‍ली पुल‍िस ने पूरे मामले पर क्‍या कहा?

DCP नई दिल्ली ने सोशल मीड‍िया पोस्‍ट के जरिए कहा कि हाई कोर्ट के आदेश और मेडिकल एक्सपर्ट्स की सलाह के अनुसार, सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें ज़रूरी मेडिकल देखभाल के लिए अस्पताल में शिफ्ट किया गया है. पुलिस ने बहुत संयम बरता और यह काम सुरक्षित तरीके से किया. हम जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से अपील करते हैं कि वे जल्द से जल्द शांतिपूर्ण तरीके से जगह खाली कर दें.

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